Edited By Payal Choudhary, Updated: 04 Mar, 2026 11:56 AM
राजस्थान के जालोर जिले में 18 महीने पहले हुए गणपत सिंह हत्या कांड का खुलासा नहीं होने से नाराज परिजन एक बार फिर न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। इस बार मामला बेहद भावुक और गंभीर हो गया है। मृतक की 80 साल की मां हवा कंवर और 65 साल की पत्नी...
राजस्थान के जालोर जिले में 18 महीने पहले हुए गणपत सिंह हत्या कांड का खुलासा नहीं होने से नाराज परिजन एक बार फिर न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। इस बार मामला बेहद भावुक और गंभीर हो गया है। मृतक की 80 साल की मां हवा कंवर और 65 साल की पत्नी पिछले पांच दिनों से जिला कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठी हैं।
सबसे मार्मिक बात यह है कि बुजुर्ग मां अपने साथ कफन लेकर धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि अगर उनके बेटे की हत्या का राज नहीं खुला और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह यहीं अपने प्राण त्याग देंगी।
“बेटा गया, अब कुछ नहीं बचा”
धरने पर बैठी हवा कंवर ने प्रशासन और सरकार से सवाल करते हुए कहा कि उनके बेटे की हत्या को डेढ़ साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी है।
उन्होंने कहा,
“मेरे हाथ से मेरा बेटा चला गया, अब मेरे पास कुछ नहीं बचा है। सरकार चाहे तो एक दिन में पूरा मामला खोल सकती है, लेकिन पता नहीं क्यों कार्रवाई नहीं हो रही।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को एक बुजुर्ग महिला की पीड़ा का भी कोई ख्याल नहीं है। उनका कहना है कि जब तक बेटे की हत्या का सच सामने नहीं आएगा और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक उनका धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगा।
कफन लेकर धरने पर बैठी मां
धरने के दौरान हवा कंवर अपने साथ कफन लेकर बैठी हैं। उनका कहना है कि अब उनकी एक ही इच्छा है कि उनके बेटे के हत्यारों का पर्दाफाश हो।
उन्होंने कहा,
“इस बार मैं कफन साथ लेकर आई हूं। या तो मेरे बेटे की हत्या का राज खुलेगा या फिर मैं यहीं अपने प्राण त्याग दूंगी।”
धरने के दौरान मृतक की पत्नी, भाई और अन्य परिजन भी उनके साथ मौजूद हैं। परिवार के सदस्य लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।
बार-बार धरना दे रहा परिवार
जानकारी के अनुसार रामसीन थाना क्षेत्र के मांडोली गांव में करीब 18 महीने पहले गणपत सिंह की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से ही परिजन लगातार पुलिस और प्रशासन से मामले का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं।
इस मामले को लेकर परिवार कई बार जालोर जिला कलेक्ट्रेट और रामसीन थाने के सामने धरना-प्रदर्शन कर चुका है। मृतक की पत्नी ने न्याय की मांग को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा था।
इसके बावजूद मामले में अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है, जिससे परिवार में गहरा आक्रोश और निराशा है।
पहले भी 9 दिन की भूख हड़ताल
करीब दो महीने पहले भी मृतक की मां, पत्नी, दो भाभी और एक भाई जालोर जिला कलेक्ट्रेट के सामने 9 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उस दौरान प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने परिवार को जल्द ही हत्या का खुलासा करने का आश्वासन दिया था।
प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजनों ने एक महीने का समय देते हुए अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी थी और धरना स्थगित कर दिया था।
लेकिन तय समय बीतने के बावजूद जब मामले में कोई खुलासा नहीं हुआ, तो परिवार ने एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाया।
27 फरवरी से फिर शुरू हुआ धरना
मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर 27 फरवरी से मृतक की 80 वर्षीय मां और 65 वर्षीय पत्नी एक बार फिर जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठ गईं। इस बार उन्होंने भूख हड़ताल के साथ कफन लेकर विरोध जताया है।
धरना स्थल पर परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद हैं और लगातार प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन पर बढ़ रहा दबाव
बुजुर्ग मां की हालत और उनकी भावनात्मक अपील ने पूरे इलाके में लोगों का ध्यान खींचा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
लोगों का कहना है कि इतने लंबे समय बाद भी हत्या का खुलासा नहीं होना पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
परिवार का कहना है कि जब तक गणपत सिंह हत्या कांड का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस बीच प्रशासन पर भी मामले में जल्द कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस इस हत्या के रहस्य से कब पर्दा उठाती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।