जालोर में ऑक्सीजन की कमी से हजारों मछलियों की मौत: 4 दिन से जारी संकट, ग्रामीण खुद सफाई में जुटे

Edited By Payal Choudhary, Updated: 23 Mar, 2026 11:53 AM

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जालोर जिले के आहोर उपखंड के रायथल गांव स्थित भीम तालाब में पिछले चार दिनों से मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब तक करीब 50 हजार से अधिक मछलियों की मौत हो चुकी है। तालाब के आसपास तेज दुर्गंध फैलने से ग्रामीणों का...

जालोर जिले के आहोर उपखंड के रायथल गांव स्थित भीम तालाब में पिछले चार दिनों से मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब तक करीब 50 हजार से अधिक मछलियों की मौत हो चुकी है। तालाब के आसपास तेज दुर्गंध फैलने से ग्रामीणों का वहां रहना भी मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप- समय पर नहीं पहुंचे अधिकारी

ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कलेक्टर हेल्पलाइन और एसडीएम कार्यालय में कई बार सूचना देने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

गांव के प्रशासक जसराज सिंह राजपुरोहित के अनुसार, सूचना देने के बाद भी न तो सफाई हुई और न ही तत्काल कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा, जिससे हालात बिगड़ते गए।

चौथे दिन पहुंची टीम, सैंपल जांच के लिए भेजे

रविवार को सिरोही से मत्स्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पानी और मृत मछलियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

ऑक्सीजन की भारी कमी, यही मुख्य वजह

मत्स्य विभाग के डॉ. शुभम के अनुसार प्रारंभिक जांच में तालाब में ऑक्सीजन की गंभीर कमी सामने आई है। सामान्यतः पानी में ऑक्सीजन का स्तर 5-6 होना चाहिए, लेकिन यहां यह 1 से भी कम पाया गया है।

उन्होंने यह भी संभावना जताई कि तालाब में मछलियों की संख्या अधिक होने और ऑक्सीजन सीमित होने के कारण यह स्थिति बनी है।

ग्रामीण खुद कर रहे सफाई, प्रशासन नदारद

प्रशासन की अनुपस्थिति में ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। गांव में 2-3 टीमें बनाकर मृत मछलियों को निकालकर गड्ढों में दबाया जा रहा है। सफाई का पूरा खर्च भी ग्रामीण स्वयं उठा रहे हैं।

धार्मिक मान्यताओं के चलते सावधानी

तालाब से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए मत्स्य विभाग ने सफाई के बाद चूना डालने की बात कही है, ताकि पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाई जा सके।

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