Edited By Payal Choudhary, Updated: 14 Apr, 2026 04:04 PM

राजस्थान के जालोर में अंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार को शहर में भव्य रैली निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे शहर में उत्सव का माहौल नजर आया।
राजस्थान के जालोर में अंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार को शहर में भव्य रैली निकाली गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और स्कूली छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे शहर में उत्सव का माहौल नजर आया।
नगर परिषद से रैली की शुरुआत
रैली की शुरुआत सुबह करीब 9 बजे नगर परिषद परिसर से की गई, जहां से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके बाद रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों—हॉस्पिटल चौराहा, हरिदेव जोशी सर्कल सहित अन्य मुख्य रास्तों—से होती हुई भीमराव अंबेडकर सभा स्थल तक पहुंची।
रैली के दौरान लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को याद करते हुए नारे लगाए और सामाजिक समानता का संदेश दिया।
प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
सभा स्थल पहुंचने पर लोगों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
डीजे की धुन पर झूमे युवा
रैली में शामिल युवा, महिलाएं और बच्चे डीजे की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। इससे पूरे आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा।
रैली में स्कूली छात्र-छात्राओं की भी अच्छी भागीदारी रही, जिन्होंने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर समाज में समानता और शिक्षा का संदेश दिया।
दोपहर में होगी जनसभा
अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में दोपहर को सभा स्थल पर एक जनसभा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिले के जनप्रतिनिधि और विभिन्न समाजों के वरिष्ठजन भाग लेकर बाबा साहेब के विचारों और उनके योगदान पर प्रकाश डालेंगे।
सामाजिक एकता का संदेश
इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया गया। बाबा साहेब अंबेडकर के विचार आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और उनके सिद्धांतों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
निष्कर्ष
जालोर में अंबेडकर जयंती पर निकली यह रैली न केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक थी, बल्कि समाज में जागरूकता और एकजुटता का संदेश भी देती नजर आई।
इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने और महान नेताओं के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।