गणपत सिंह हत्याकांड: धरना स्थल पहुंचे विधायक रविंद्र भाटी, परिवार फूट-फूटकर रोया; 80 साल की मां बोलीं—हत्यारों की गिरफ्तारी तक नहीं खाऊंगी रोटी

Edited By Payal Choudhary, Updated: 15 Mar, 2026 12:32 PM

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जिले के मांडोली गांव में हुए गणपत सिंह हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर परिवार पिछले 16 दिनों से जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दे रहा है। शनिवार शाम को शिव विधायक Ravindra Singh Bhati धरना स्थल पहुंचे तो पीड़ित परिवार उनसे मिलते ही फूट-फूटकर रोने...

जिले के मांडोली गांव में हुए गणपत सिंह हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर परिवार पिछले 16 दिनों से जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दे रहा है। शनिवार शाम को शिव विधायक Ravindra Singh Bhati धरना स्थल पहुंचे तो पीड़ित परिवार उनसे मिलते ही फूट-फूटकर रोने लगा।

धरने पर बैठी गणपत सिंह की 80 वर्षीय मां हवा कंवर ने विधायक के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि रात के समय पुलिस धरना खत्म करवाने के लिए दबाव बनाती है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगी।

विधायक भाटी ने दिया आंदोलन तेज करने का संकेत

धरना स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए विधायक रविंद्र भाटी ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मामले का खुलासा नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित परिवार इशारा करेगा तो जालोर में इतिहास का सबसे बड़ा चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी धरने पर बैठेंगे।

मां बोलीं—बेटे के हत्यारों को सजा मिले

शनिवार शाम करीब 7:30 बजे विधायक भाटी ने धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने गणपत सिंह की मां हवा कंवर, पत्नी भारती कंवर (40), भाई अभय सिंह (54) और अन्य परिजनों से बातचीत की।

इस दौरान परिवार के सदस्यों ने हाथ जोड़कर कहा कि वे केवल न्याय चाहते हैं और हत्यारों की गिरफ्तारी तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विधायक भाटी ने 80 वर्षीय हवा कंवर से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि उनकी जगह दूसरे लोग अनशन पर बैठ सकते हैं। लेकिन मां ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक बेटे की हत्या का सच सामने नहीं आएगा, तब तक वह रोटी नहीं खाएंगी।

परिवार बोला—इस बार बिना न्याय नहीं लौटेंगे

मृतक के भाई अभय सिंह ने बताया कि इससे पहले भी परिवार ने नौ दिन तक भूख हड़ताल की थी, लेकिन बिना किसी ठोस कार्रवाई के धरना समाप्त करना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि उस समय गांव में लोगों ने ताने दिए, इसलिए इस बार परिवार ने तय किया है कि बिना न्याय के धरना समाप्त नहीं करेंगे।

परिवार के अन्य सदस्यों ने भी कहा कि वे गणपत सिंह के बच्चों की परवरिश कर देंगे, लेकिन उनकी एक ही मांग है कि हत्या का सच सामने आए और दोषियों को सजा मिले।

सिस्टम पर उठाए सवाल

विधायक भाटी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक 80 साल की बुजुर्ग मां, पत्नी और छोटे बच्चे 16 दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

उन्होंने कहा कि यह जिला प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाया जाए।

भाटी ने कहा कि यदि इस उम्र में एक मां को न्याय के लिए सड़कों पर बैठना पड़ रहा है, तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

राजस्थान दिवस के जश्न पर भी सवाल

विधायक भाटी ने राजस्थान दिवस के कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब जालोर में एक बुजुर्ग मां 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी है, तब जश्न मनाने वालों को अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए कि प्रदेश की स्थिति क्या है।

16वें दिन क्रमिक अनशन

धरने के 16वें दिन 80 वर्षीय मां और मृतक की पत्नी के साथ 5 लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। तय किया गया है कि आने वाले दिनों में प्रतिदिन 5-5 लोग क्रमिक अनशन करेंगे।

धरना स्थल पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रविंद्र सिंह बालावत, रानीवाड़ा के पूर्व विधायक नारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक मौजूद रहे।

ऐसे मिला था गणपत सिंह का शव

मृतक के भाई अभय सिंह के अनुसार गणपत सिंह (42) 27 अगस्त 2024 की शाम दुकान से घर के लिए निकले थे, लेकिन रात तक घर नहीं पहुंचे।

इसके बाद परिवार ने रामसीन थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। अगले दिन 28 अगस्त को सिकवाड़ा रोड पर सुनसान जगह उनका शव मिला था।

शव कीचड़ में औंधे मुंह पड़ा हुआ था। उनके सिर पर चोट के निशान थे और पास में उनकी बाइक गिरी हुई थी। पुलिस ने उस समय हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन अब तक मामले का खुलासा नहीं हो सका है।

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