बिजलीघर में ठेका श्रमिक की मौत के बाद उबाल, रामगढ़ बंद; नौकरी–मुआवजे की मांग पर धरना!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 06 Jan, 2026 12:29 PM

jaisalmer ramgarh power plant worker death protest

जब मेहनत की कमाई के लिए निकला एक मजदूर घर नहीं लौटा, तो रामगढ़ की फिज़ा बदल गई। एक हादसा—और उसके बाद सवालों की बाढ़। जैसलमेर जिले के रामगढ़ कस्बे में गैस तापीय विद्युत गृह में ठेका श्रमिक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है।

जब मेहनत की कमाई के लिए निकला एक मजदूर घर नहीं लौटा, तो रामगढ़ की फिज़ा बदल गई। एक हादसा—और उसके बाद सवालों की बाढ़। जैसलमेर जिले के रामगढ़ कस्बे में गैस तापीय विद्युत गृह में ठेका श्रमिक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। बाजार बंद हैं, बिजलीघर के बाहर धरना जारी है और मांग साफ है—पीड़ित परिवार को न्याय, मुआवजा और सरकारी नौकरी।

क्या है पूरा मामला

रामगढ़ के निकट स्थित गैस तापीय विद्युत गृह में सोमवार दोपहर ड्यूटी के दौरान ठेका श्रमिक नथमल पुत्र आदूराम सुथार (50) की ऊंचाई से गिरने से मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, नथमल यार्ड क्षेत्र में काम के सिलसिले में गया था। कुछ देर बाद एक सुरक्षा गार्ड ने उसे यार्ड के बाहर नीचे गिरा हुआ देखा। तत्काल उसे रामगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक तौर पर मौत का कारण ऊंचाई से गिरना बताया जा रहा है।

आंदोलन की शुरुआत, संत समाज की आवाज

घटना के बाद सबसे पहले गज़रूप सागर ठिकाना के मठाधीश बाल भारती महाराज ने प्रशासन और प्रबंधन पर सवाल उठाए।
बाल भारती महाराज (मठाधीश) ने कहा, “यह सिर्फ हादसा नहीं, सिस्टम की बेरुखी है। गरीब मजदूर की जान गई है। जब तक परिवार को न्याय और सहारा नहीं मिलेगा, संत समाज भी चुप नहीं बैठेगा।”

अस्पताल से धरने तक

मौत की खबर फैलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। बिजलीघर के मुख्य अभियंता व अन्य अधिकारी भी वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने मृतक परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए आश्रित को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग रखी। संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर नाराजगी बढ़ गई।

समाजसेवियों के बयान

समाजसेवी कंवराज सिंह जाम ने कहा, “यह लापरवाही का मामला है। परिवार का कमाने वाला चला गया। अगर आज न्याय नहीं मिला, तो कल कोई सुरक्षित नहीं रहेगा।”
धरने के दौरान शॉल ओढ़े समाजसेवी मालम सिंह ने चेतावनी दी, “मजदूर की जान सस्ती नहीं है। नौकरी और मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन और उग्र होगा।”

रामगढ़ बंद, जांच शुरू

अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट ग्रामीणों ने रामगढ़ बाजार बंद कर दिया और बिजलीघर के सामने धरना शुरू कर दिया। सूचना पर रामगढ़ थानाधिकारी भुट्टाराम मय जाब्ता मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की गई है। प्रशासन समझाइश में जुटा है, लेकिन ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।

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