Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Jan, 2026 05:21 PM

जैसलमेर: जैसलमेर में सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। रात के समय तापमान में गिरावट के चलते सड़क किनारे और खुले स्थानों पर रहने वाले गरीब, बेसहारा और बेघर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ठंड के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अब प्रशासन के साथ-साथ...
जैसलमेर: जैसलमेर में सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। रात के समय तापमान में गिरावट के चलते सड़क किनारे और खुले स्थानों पर रहने वाले गरीब, बेसहारा और बेघर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ठंड के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अब प्रशासन के साथ-साथ न्यायिक तंत्र भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जैसलमेर विजेंद्र कुमार ने कल देर शाम टीम के साथ हनुमान सर्किल स्थित रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सर्दी के इस दौर में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न सोए और रैन बसेरे में ठहरे लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हों।
औचक निरीक्षण के दौरान विजेंद्र कुमार ने रैन बसेरे की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने रजिस्टर की जांच की और यह भी देखा कि कितने लोग रैन बसेरे में ठहरे हुए हैं। इसके साथ ही वहां उपलब्ध सोने की व्यवस्था, कंबल, रजाई, गद्दे, दरी, चादर, पीने के पानी, बिजली और साफ-सफाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में रैन बसेरे की व्यवस्था में कुल मिलाकर संतोषप्रद पाई गईं। जरूरतमंदों के लिए ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान एक अहम बात सामने आई। रैन बसेरे में कुछ ऐसे लोग ठहरे हुए पाए गए, जो ठेकेदार के कार्मिक बताए गए। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजेंद्र कुमार ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद संचालक को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि रैन बसेरा गरीब, बेघर, निराश्रित और जरूरतमंद लोगों के लिए बनाया गया है, न कि निजी ठेकेदारों या उनके कर्मचारियों के ठहरने के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आश्रय स्थल का इस तरह का दुरुपयोग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
विजेंद्र कुमार ने निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से यह सुनिश्चित किया जाए कि रैन बसेरे में केवल वही लोग ठहरें, जो वास्तव में इसके पात्र हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने, रैन बसेरे में नियमित निगरानी रखने और जरूरतमंदों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बढ़ती ठंड को देखते हुए प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि कोई भी व्यक्ति ठंड की वजह से असहाय न रहे और उसकी जान को खतरा न हो।