जैसलमेर में शेखावत ने पांडुलिपि डिजिटलाइजेशन और विकास योजनाओं की समीक्षा की

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 04 Oct, 2025 09:05 PM

shekhawat reviews manuscript digitisation and development plans in jaisalmer

केंद्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने कहा कि अब तक देशभर से आईडेंटिफाई की गई एक करोड़ से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों में से अब तक 2.5 लाख से अधिक पांडुलिपियां डिजिटल पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं और आने वाले कुछ समय में यह...

जैसलमेर । केंद्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने कहा कि अब तक देशभर से आईडेंटिफाई की गई एक करोड़ से अधिक दुर्लभ पांडुलिपियों में से अब तक 2.5 लाख से अधिक पांडुलिपियां डिजिटल पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं और आने वाले कुछ समय में यह संख्या 10 लाख तक पहुंच जाएगी।

जैसलमेर प्रवास के दौरान शेखावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये सभी पांडुलिपियां कंप्यूटर-रीडेबल फॉर्मेट में एआई की मदद से संरक्षित की जाएंगी, ताकि भारत की सदियों पुरानी वैदिक, दार्शनिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान लाखों पांडुलिपियां चुरा कर विदेशों में भेज दी गईं और जो शेष हैं, वे भी समय के साथ नष्ट होती जा रही हैं। ऐसे में, यह मिशन सिर्फ एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक सुरक्षा का अभियान है। शेखावत ने कहा कि इस कार्य में देश-विदेश के विशेषज्ञों, शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों को साथ लेकर काम किया जा रहा है, जो संस्थाएं पहले से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हैं, उनकी संग्रहित धरोहर को भी एकीकृत किया जा रहा है।

विशेष चर्चा का केंद्र रहा ‘काशी कल्चर पाथवे’ मॉडल

अपने फ्रांस दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संस्कृति और पारंपरिक कलाओं के संबंध में एक डेवलपमेंट गोल पर गंभीर चर्चा के लिए यह अंतरराष्ट्रीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें 165 देशों के संस्कृति मंत्रियों ने हिस्‍सा लिया। उन्‍होंने कहा कि बैठक के दौरान भारत द्वारा G-20 की अध्यक्षता के समय प्रस्तुत किया गया ‘काशी कल्चर पाथवे’ मॉडल विशेष चर्चा का केंद्र रहा। इस मॉडल के माध्यम से भारत ने यह दिखाया कि कैसे सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय शिल्प, पारंपरिक ज्ञान और कलात्मक अभिव्यक्ति को आधुनिक विकास के साथ जोड़ा जा सकता है।

प्रदेश के विकास को लेकर केंद्र और राज्‍य सरकार संकल्पित

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में हिस्सा लेने के बाद कहा कि जिले में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति का विस्तार से फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश के विकास को लेकर केंद्र और राजस्थान सरकार पूरी तरह संकल्पित हैं। डबल इंजन सरकार का मूल उद्देश्य यही है कि हर जनकल्याणकारी योजना का लाभ पात्र और अंतिम छोर के व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। यही दोनों सरकारों की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

योजनाओं की समीक्षा

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डी.आर.डी.ए. सभागार में आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने जैसलमेर जिले में संचालित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं, अभियानों और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाए जाने का निर्देश दिया। इस दौरान विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज, जैसलमेर विधायक छोटू सिंह, जिला कलेक्टर प्रताप सिंह राठौड़, जिला प्रमुख प्रतापसिंह सोलंकी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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