Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Jan, 2026 06:54 PM

जयपुर। ग्रामीण भारत में गरीबों के काम के अधिकार की रक्षा हेतु मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान की तैयारी हेतु राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विस्तारित कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक हरीश चन्द्र...
जयपुर। ग्रामीण भारत में गरीबों के काम के अधिकार की रक्षा हेतु मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान की तैयारी हेतु राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विस्तारित कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक हरीश चन्द्र तोतूका सभागार भवन जयपुर पर ली। बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, एआईसीसी के सचिव एवं सह प्रभारी राजस्थान रित्विक मकवाना, मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, एआईसीसी सचिव धीरज गुर्जर, दानिश अबरार, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी, डॉ. बी.डी. कल्ला, डॉ. चन्द्रभान सहित कांग्रेस सांसद, विधायक, विधायक प्रत्याशी, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य, जिलाध्यक्ष, विधानसभा ऑब्जर्वर, निगम/बोर्डों के पूर्व चेयरमेन, अग्रिम संगठन तथा विभाग/प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष शामिल रहे।
बैठक को सम्बोधित करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत् दिनांक 10 जनवरी, 2026 से 06 फरवरी, 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉक और मण्डल स्तर पर चलने वाले कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान करते हुए सभी उपस्थित पदाधिकारियों, विधायकों को इन कार्यक्रमों के क्रियान्वन हेतु निर्देशित किया। डोटासरा ने कहा कि मनरेगा योजना को समाप्त कर भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार ने देश के गरीब मजदूर जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते है की आजीविका पर प्रहार किया है। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह ने देश के गरीब मजदूरों को सिर उठाकर स्वाभिमान से जीने का अधिकार दिया था किन्तु भाजपा की सरकार ने इस योजना को समाप्त कर देश में गरीबों से काम का अधिकार छीना और गरीब मजदूरों को शोषण हेतु छोड़ दिया है।
कांग्रेस सरकार द्वारा मनरेगा कानून लागू कर गारंटी दी थी कि मांगते ही ग्रामीण क्षेत्र में काम मिलेगा और यदि काम नहीं है तो मानदेय मिलेगा, इससे भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली थी और देश में मजदूरों के पलायन की रोकथाम करने में सहायता मिली थी। मनरेगा से गरीब को उद्योगपतियों के शोषण से मुक्ति मिली थी क्योंकि इस योजना के तहत् निश्चित मजदूरी मिलना तय था। भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार ने उद्योगपतियों के दबाव में इस योजना को खत्म करने का कार्य किया है जो कि भारत के गरीब मजदूरों के हितों पर कुठाराघात है। कांग्रेस पार्टी हमेशा देश के गरीब व मजदूरों के अधिकार और हित की लड़ाई लड़ती आयी है इसलिए मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना को समाप्त करने के केन्द्र सरकार के फैसले के विरूद्ध पूरे प्रदेश में जिला, ब्लॉक व मण्डल स्तर पर कांग्रेस कार्यकर्ता अपना विरोध दर्ज करवाते हुए जन-जागरण अभियान चलाएंगे।
कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत् घर-घर जाकर मनरेगा योजना के तहत् मिलने वाले लाभों तथा केन्द्र सरकार द्वारा किस प्रकार इस योजना को समाप्त कर गरीब के हितों पर कुठाराघात किया यह जानकारी आमजनता के बीच पत्रक के वितरण द्वारा और गोष्ठियों के द्वारा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की सोच में गरीब कल्याण नहीं है उद्योगपतियों का हित छिपा है इसीलिए मनरेगा जैसी योजना को बंद कर नई योजना केन्द्र ने लागू की है और यह निर्णय लिया है कि गरीब के मांगने पर नहीं केन्द्र सरकार द्वारा चिन्हित स्थानों पर ही कार्य दिया जाएगा जिसका तात्पर्य है कि अब केन्द्र सरकार की ईच्छा पर काम मिलना निर्भर होगा जबकि पहले मांगने पर काम देना आवश्यक था।
डोटासरा ने सभी जिलाध्यक्षों, विधानसभा समन्वयकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान के तहत् विभिन्न चरणों में आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रम सफल बनाने हेतु क्षेत्रों में जाएं और प्रतिदिन के कार्यों की रिपोर्ट कांग्रेस वॉर रूम को प्रेषित करें। अभियान के तहत् समस्त कार्यक्रमों में यथासंभव क्षेत्र के विधायक एवं सांसद शामिल हों। उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों में समय-समय पर जाकर पदयात्रा निकालेंगे, इसी प्रकार सभी जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में पदयात्रा निकालनी चाहिए। श्री डोटासरा ने प्रस्तावित किया है कि प्रदेश के सभी बूथों पर मनरेगा से संबंधित कार्य करने वाले कांग्रेस विचारधारा के व्यक्ति को मनरेगा योद्धा के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, एआईसीसी सह प्रभारी राजस्थान रित्विक मकवाना, एआईसीसी सचिव धीरज गुर्जर, दानिश अबरार, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी. डी. कल्ला एवं डॉ. चन्द्रभान ने भी सम्बोधित किया।