Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jan, 2026 04:29 PM

जयपुर। राष्ट्रमंडल देशों के 40 देशों से आए 120 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को दो दिवसीय प्रवास पर जयपुर पहुंचा। जयपुर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविख्यात आमेर महल का भ्रमण किया, जहां इसकी दिव्य, ऐतिहासिक और भव्य छटा ने...
जयपुर। राष्ट्रमंडल देशों के 40 देशों से आए 120 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल शनिवार को दो दिवसीय प्रवास पर जयपुर पहुंचा। जयपुर भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविख्यात आमेर महल का भ्रमण किया, जहां इसकी दिव्य, ऐतिहासिक और भव्य छटा ने सभी प्रतिनिधियों को अभिभूत कर दिया।
आमेर महल पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक राजस्थानी रीति-रिवाजों से भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। लोक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि, पारंपरिक आतिथ्य और राजस्थानी संस्कृति की जीवंत झलक ने विदेशी मेहमानों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
इसके पश्चात उच्च प्रशिक्षित एवं अनुभवी पर्यटक गाइड द्वारा प्रतिनिधिमंडल को आमेर महल के गौरवशाली इतिहास, राजपूतकालीन स्थापत्य कला तथा सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई।
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, 27 कचहरी, गणेश पोल, मुगल गार्डन एवं मान सिंह महल सहित आमेर दुर्ग के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य विशेष रूप से शीश महल की अद्वितीय कारीगरी से अत्यंत प्रभावित नजर आए। शीश महल से मावठा सरोवर एवं केसर क्यारी बाग का मनोरम दृश्य देखकर प्रतिनिधि मंत्रमुग्ध हो गए और राजस्थान की समृद्ध स्थापत्य एवं शिल्प परंपरा की मुक्तकंठ से सराहना की। कई प्रतिनिधियों ने आमेर महल को भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बताया।
उल्लेखनीय है कि यह संसदीय प्रतिनिधिमंडल 17 एवं 18 जनवरी को जयपुर प्रवास पर है। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रमंडल देशों की विभिन्न विधायिकाओं के अध्यक्ष, सदस्य तथा उच्च स्तरीय संसदीय अधिकारी शामिल हैं। जयपुर आगमन पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी द्वारा किया गया।
जयपुर प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल द्वारा शहर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक विशेषताओं से जुड़े अन्य स्थलों के भ्रमण का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिससे राजस्थान की गौरवशाली परंपरा और विकासशील दृष्टिकोण से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और अधिक परिचित हो सकेंगे।