78वें आर्मी डे परेड का संयुक्त कर्टन रेजर कार्यक्रम में शामिल हुए भजनलाल शर्मा

Edited By Anil Jangid, Updated: 21 Dec, 2025 04:47 PM

cm bhajanlal sharma attends joint curtain raiser programme of 78th army day para

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्मी डे भारत के गौरवशाली इतिहास, सम्मान और स्वाभिमान का दिन है। यह हमें भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य, कठोर अनुशासन, अतुलनीय बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह...

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्मी डे भारत के गौरवशाली इतिहास, सम्मान और स्वाभिमान का दिन है। यह हमें भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य, कठोर अनुशासन, अतुलनीय बलिदान और अटूट राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि इस बार 78वें आर्मी डे परेड 2026 की मेजबानी जयपुर कर रहा है।

 

शर्मा शनिवार को जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में 78वें आर्मी डे परेड संयुक्त कर्टन रेजर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आर्मी डे परेड 2026 सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर, जगतपुरा के महल रोड पर आम नागरिकों के बीच आयोजित की जा रही है। यह आयोजन भारतीय सेना और नागरिकों के बीच विश्वास, जुड़ाव और सम्मान के रिश्ते को और मजबूत करेगा। इस परेड में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टर्स की फ्लाई-पास्ट टुकड़ियों का मार्च, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। 

 

8 से 12 जनवरी तक ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी परेड के अवसर पर एसएमएस स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या 2026’ के दौरान फर्स्ट डे कवर का विमोचन, शहीदों के परिजनों का सम्मान, परंपरागत युद्ध कलाओं के प्रदर्शन के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर का भव्य लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के साथ 1000 ड्रोन्स का शो भी होगा। उन्होंने कहा कि 8 से 12 जनवरी 2026 तक ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी के दौरान आम नागरिकों को सेना की आधुनिक हथियार प्रणालियों और रक्षा तकनीक को नज़दीक से देखने का अवसर मिलेगा।

 

राजस्थान की धरती के कण-कण में शौर्य और बलिदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947-48 से लेकर 1965, 1971 के भारत-पाक युद्धों, 1999 के कारगिल युद्ध से लेकर हाल के सैन्य अभियानों में भारतीय सेना ने हर चुनौती का साहस और संकल्प के साथ सामना किया है। ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने दुनिया को बताया कि हमारी सेना ना केवल आक्रामकता का जवाब देती है, बल्कि शांति, स्थिरता और राष्ट्रीय एकता की सबसे बड़ी संरक्षक भी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती वीरता की भूमि है। यहां के कण-कण में शौर्य और बलिदान की गाथाएं समाहित हैं। 

 

सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस और बहादुरी से पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान तक देश की सीमाओं की रक्षा की है। इसके साथ ही, आतंकवाद और नक्सलवाद से मुकाबला कर देश की अंदरूनी सुरक्षा भी सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि बाढ़, भूकंप और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी सेना सदैव नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रही है। 

 

मुख्यमंत्री ने इस दौरान कीर्ति चक्र से सम्मानित (मरणोपरांत) नायक मेघ राज सिंह, सेना मेडल से सम्मानित (मरणोपरांत) हवलदार राम सिंह शेखावत, सेना मेडल से सम्मानित (मरणोपरांत) लांस नायक बंशीधर यादव की वीरांगनाओं का सम्मान किया। साथ ही, उन्होंने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जीवन राजपुरोहित, सूबेदार अर्जुन सिंह राठौर, हवलदार मदन सिंह काजला को भी सम्मानित किया। 

 

कार्यक्रम में सेना दिवस परेड 2026 से संबंधित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण, प्रशासनिक अधिकारीगण, पूर्व सैनिक, शहीदों की वीरांगनाएं, एनसीसी कैडेट्स सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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