Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Nov, 2025 02:41 PM

जिले में अवैध खनन, निर्गमन, भंडारण की रोकथाम, खनन गतिविधियों की मॉनिटरिंग तथा पर्यावरण सरंक्षण के लिए किये गये कार्यों की समीक्षा के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित हुई। इस बैठक में...
भीलवाड़ा। जिले में अवैध खनन, निर्गमन, भंडारण की रोकथाम, खनन गतिविधियों की मॉनिटरिंग तथा पर्यावरण सरंक्षण के लिए किये गये कार्यों की समीक्षा के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित हुई। इस बैठक में सदस्य सचिव ने जिले में खनिजों के अवैध खनन/निर्गमन/भंडारण के विरूद्ध चालू वित्तीय वर्ष एवं विगत 2 वर्षों में की गयी कारवाई के बारे में सभी को अवगत करवाया गया।
खनिज बजरी के जिन प्लॉटों की सफल नीलामी हो गयी है और जिनकी पर्यावरण स्वीकृति अभी तक जारी नहीं हुई है। उनके संबंध में संबंधित अधिकारी को जिला कलक्टर की ओर से डीओ लेटर भिजवा कर लम्बित पर्यावरण स्वीकृति को जल्दी ही जारी करवाने संबंधित जानकारी प्रदान की।
जिला कलेक्टर ने जिले में Abondoned Mines Pits (परित्यक्त खदान खड़ा) को चिन्हित करने के निर्देश दिये गये, जिनमें अपना संस्थान के माध्यम से और डी.एम.एफ.टी. फंड से खनन पट्टो के विकास एवं पौधा रोपण हेतु काम लिये जाने हेतु निर्देश प्रदान किये गये।
इसके अतिरिक्त खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन निगरानी समिति के मनोनीत सदस्य राजेश सिंह राठौड़ द्वारा खनन पट्टा क्षेत्र को जोड़ने वाले रोड़ को डी.एम.एफ.टी. फंड से पास करवाने के लिए अवगत करवाया गया।
वन विभाग द्वारा यह प्रस्ताव दिया गया की खनन पट्टों के ओवर बर्डन पर डी.एम.एफ. टी. के माध्यम से पौधारोपण कर ओवरबर्डन क्षेत्र को पुनः हरा—भरा किया जाना चाहिए।
खनिज अभियन्ता, भीलवाड़ा ने अवगत करवाया गया कि माईका के अवैध खनन के पिट को शहर के कचरा वेस्ट का भराव करवा जाये तो शहर को कचरे के वेस्ट से भी कम नुकसान होगा और अवैध खनन की समस्या से भी निजात पाया जा सकेगा। जिला कलेक्टर ने सभी निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने एवं भयमुक्त अवैध खनन/निर्गमन के विरूद्ध कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया। बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन), पुलिस, परिवहन, तहसीलदार, खनि अभियंता सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।