Edited By Payal Choudhary, Updated: 14 Apr, 2026 06:55 PM

आज देशभर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को बड़े सम्मान और उत्साह से मनाया जा रहा है। इसी के तहत राजस्थान के बारां जिले में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां रैली, माल्यार्पण और विचार गोष्ठी के जरिए बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी गई।
देशभर में अंबेडकर जयंती बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर विभिन्न राज्यों में रैलियां, चर्चा और श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। राजस्थान के बारां जिले में भी एक अद्भुत आयोजन हुआ, जहां हजारों लोगों ने मिलकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी।
शहर में निकली भव्य रैली
अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में बारां जिला मुख्यालय पर एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। सुबह से ही शहर में जश्न का माहौल नजर आने लगा था। लोग हाथों में झंडे और बाबा साहेब के पोस्टर लिए हुए रैली में शामिल हुए।
यह रैली शहर के कई प्रमुख मार्गों से होते हुए अंबेडकर सर्किल पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। रैली के दौरान सभी ने बाबा साहेब के विचारों को याद करते हुए नारे लगाए और सामाजिक समानता का संदेश फैलाया।
प्रतिमा पर माल्यार्पण
अंबेडकर सर्किल पहुंचने पर सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहा।
लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए संकल्प लिया कि वे उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में समानता और न्याय की स्थापना के लिए प्रयास करेंगे।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
इस रैली में कई भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में राधेश्याम बेरवा, नरेश सिकरवार समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इन नेताओं ने बाबा साहेब के विचारों की प्रासंगिकता पर बात करते हुए समाज से उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।
विचार गोष्ठी का आयोजन
अंबेडकर जयंती के अवसर पर अंबेडकर चौराहे पर एक विचार गोष्ठी भी आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम में दुष्यंत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
गोष्ठी में बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान पर गहन चर्चा की जाएगी। साथ ही, युवाओं को उनके विचारों से प्रेरित करने की कोशिश की जाएगी।
सामाजिक समरसता का संदेश
इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य समाज में समानता, भाईचारा और न्याय के मूल्यों को बढ़ावा देना है। डॉ. अंबेडकर ने अपने जीवन में सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और एक ऐसे समाज की कल्पना की, जहां सभी को समान अधिकार मिलें। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं।
देशभर में हो रहे आयोजन
बारां ही नहीं, पूरे देश में अंबेडकर जयंती पर इसी तरह के कार्यक्रम हो रहे हैं। जगह-जगह रैलियां, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बाबा साहेब को याद किया जा रहा है।
इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को उनके विचारों और संविधान के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
निष्कर्ष
बारां में हुई अंबेडकर जयंती की यह कार्यक्रम न सिर्फ श्रद्धांजलि का प्रतीक था, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूकता का संदेश भी दे रहा था।
इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने और महान व्यक्तित्वों के विचारों को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।