Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Jan, 2026 05:16 PM

डूंगरपुर। पंचायत समिति दोवड़ा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय हामीतेड को दूसरे गांव बंदड़ा में स्थानांतरित करने के शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला परिषद सदस्य सुरमाल रोत के...
डूंगरपुर। पंचायत समिति दोवड़ा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय हामीतेड को दूसरे गांव बंदड़ा में स्थानांतरित करने के शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला परिषद सदस्य सुरमाल रोत के नेतृत्व में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्कूल स्थानांतरण आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने स्कूल भवन को जर्जर बताते हुए यह निर्णय लिया है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग है। वर्तमान में स्कूल एक निजी भवन में संचालित हो रहा है, जहां किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है और किसी भी तरह का खतरा नहीं है। इसके अलावा, नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए बजट भी पहले ही स्वीकृत हो चुका है, ऐसे में स्कूल को दूसरे गांव में स्थानांतरित करने का कोई औचित्य नहीं बनता।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस बंदड़ा स्कूल में बच्चों को शिफ्ट करने का आदेश दिया गया है, वहां पहुंचने के लिए बच्चों को नदी पार करनी पड़ेगी, जो छोटे बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है। वैकल्पिक मार्ग से जाने पर बच्चों को रोजाना 10 से 12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा, जिससे उनकी सुरक्षा और शिक्षा दोनों प्रभावित होंगी।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग पर बिना जमीनी हकीकत समझे आदेश जारी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आदेश वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर मामले की समीक्षा और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।