Edited By Anil Jangid, Updated: 11 Feb, 2026 05:52 PM

जयपुर। राजस्थान में इस बार के बजट से लखपति दीदी योजना के लाभार्थियों को बड़ी सौगात मिली है. वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान सरकार के बजट में इस बार महिलाओं के लिए बड़ा एलान किया है. राजस्थान में इस बार की बजटीय घोषणा के मुताबिक मुख्यमंत्री...
जयपुर। राजस्थान में इस बार के बजट से लखपति दीदी योजना के लाभार्थियों को बड़ी सौगात मिली है. वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान सरकार के बजट में इस बार महिलाओं के लिए बड़ा एलान किया है. राजस्थान में इस बार की बजटीय घोषणा के मुताबिक मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना में अब एक लाख की बजाए डेढ़ लाख का लोन मिल सकेगा. आपको बता दें कि सरकार के दावों के मुताबिक पिछले साल 'लखपति दीदी' योजना में 16 लाख से ज्यादा महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है. इसके अलावा सौ करोड़ रूपए खर्च कर सरकार, जिला स्तर पर ग्रामीण महिला बीपीओ स्थापित करेगी. इसी तरह राजीविका के तहत 100 क्लस्टर स्तरीय फेडरेशनों को भी ऑफिस मुहैया करवाने की घोषणा की गई है.इन ऑफिसेज में डिजिटल और वित्तीय साक्षरता के लिए 'सक्षम केंद्र' संचालित किए जाएंगे.
पांच हजार महिला सखियों के लिए योजना
वित्त मंत्री ने इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है. इसके अलावा, लगभग 5 हजार महिलाओं को बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी और एक हजार महिलाओं को बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण सीमा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दी गई है। महिला और बाल विकास में बड़ी घोषणाओं में ग्राम पंचायतों में आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के मिड-डे मील कार्यक्रम के लिए 11 हजार ‘अमृत पोषण वाटिकाएं’बनाई जाएंगी, जिस पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बचपन देखभाल और प्री-स्कूल शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'राजस्थान राज्य प्रारंभिक बचपन देखभाल, विकास और शिक्षा नीति' लागू की जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और 1,000 उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.
आंगनबाड़ियों को नंद घर में विकसित किया जाएगा
11,924 आंगनबाड़ियों में मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए 246 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। आगामी वर्ष 7,500 आंगनबाड़ियों को ‘नंद घर’ के रूप में विकसित करने के लिए 225 करोड़ रुपये और 3,800 केंद्रों की मरम्मत व सुदृढ़ीकरण के लिए 80 करोड़ रुपये से अधिक व्यय होगा। विद्युत कनेक्शन से वंचित 17,095 आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्युत से जोड़ा जाएगा। इसी तरह, भरतपुर और कोटा में समेकित बाल विकास सेवाओं और महिला अधिकारिता कार्यालयों के लिए 'महिला एवं बाल शक्ति संकुल' बनाए जाएंगे।
किशोरी बालिका योजना में 50 हजार बच्चियों की मदद का एलान
करौली, धौलपुर, बारां, जैसलमेर और सिरोही जैसे आकांक्षी जिलों में किशोरी बालिका योजना का विस्तार सभी 27 आकांक्षी ब्लॉकों में किया जाएगा, जिससे 50 हजार से अधिक बालिकाएं लाभान्वित होंगी। नवगठित जिलों में बालकों के लिए 25-25 क्षमता वाले बाल गृह और बाल अपचारियों के लिए 50-50 क्षमता वाले ऑब्जर्वेशन होम्स स्थापित किए जाएंगे, जिस पर 27 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, चिल्ड्रन होम्स, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के भवनों का निर्माण और राजकीय बौद्धिक दिव्यांग पुनर्वास गृह, जामडोली, जयपुर में बालक व बालिका विंग की क्षमता 125 से बढ़ाकर 250 की जाएगी। ये पहलें महिला सशक्तिकरण, बाल सुरक्षा और बच्चों की शिक्षा व पोषण को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।