माघ-चैत्र नवरात्रि की तारीख एक समान, माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से और चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से होगी शुरू

Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Jan, 2026 12:59 PM

magh and chaitra navratri to begin on same date magh gupt navratri

जयपुर। पूरे वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, जिसमें दो गुप्त नवरात्रि और दो प्रकट नवरात्रि होती हैं। माघ और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि होती हैं और प्रकट नवरात्रि में चैत्र नवरात्रि तथा आश्विन माह की शारदीय नवरात्रि होती है। देवी भागवत महापुराण में...

जयपुर। पूरे वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, जिसमें दो गुप्त नवरात्रि और दो प्रकट नवरात्रि होती हैं। माघ और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि होती हैं और प्रकट नवरात्रि में चैत्र नवरात्रि तथा आश्विन माह की शारदीय नवरात्रि होती है। देवी भागवत महापुराण में मां दुर्गा की पूजा के लिए इन चार नवरात्रियों का उल्लेख है। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस वर्ष माघ की गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से और चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी। गत वर्ष माघ नवरात्रि 30 जनवरी और चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से आरंभ हुए थे। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस बार 15 जुलाई से शुरू होगी, जबकि पिछले वर्ष यह 26 जून से थी। शारदीय नवरात्रि भी इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 18 दिन की देरी से अक्टूबर में शुरू होगी। इस प्रकार वर्ष 2026 में दो विशेष संयोग बन रहे हैं।

 

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 में हिंदी पंचांग में दो ज्येष्ठ माह पड़ रहे हैं, जिसे अधिक मास की स्थिति कहा जाता है। इस कारण नवरात्र के आरंभ की तारीखों में भी बदलाव देखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे वर्षों में पर्वों की तिथियों में संयोग होने से साधना, दान, जप और देवी उपासना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

 

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि साल 2026 में हिंदू कैलेंडर का नया साल नवसंवत्सर 2083 इस बार 13 महीनों का होगा। कारण कि इस नवसंवत में अधिकमास ( मलमास) आएगा। इस कारण एक महीना बढ़ जाएगा। ज्येष्ठ माह अधिकमास होगा। यह ज्येष्ठ अधिकमास 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इससे आगे के महीनों के व्रत त्योहार 15 से 20 दिन देरी से आएंगे। 19 मार्च से विक्रम संवत लगेगा, इसी दिन से गुड़ी पड़वा, वासंती नवरात्र की शुरुआत होती है।

 

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि माघ नवरात्रि तंत्र और गुप्त उपासना से जुड़ी है, जबकि चैत्र नवरात्रि नवसंवत्सर, शक्ति आराधना और नवजीवन के आरंभ का प्रतीक है। इस वर्ष माघ की गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से और चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी। गत वर्ष माघ नवरात्रि 30 जनवरी और चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से आरंभ हुए थे। आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि इस बार 15 जुलाई से शुरू होगी, जबकि पिछले वर्ष यह 26 जून से थी। शारदीय नवरात्रि भी इस वर्ष पिछले साल की तुलना में 18 दिन की देरी से अक्टूबर में शुरू होंगी। इस प्रकार वर्ष 2026 में दो विशेष संयोग बन रहे हैं।

 

19 तारीख से आरंभ
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि साल की शुरूआत में माघ और चैत्र नवरात्रि दोनों 19 तारीख से आरंभ होंगे।

 

18 दिन की देरी 
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि साल के उत्तरार्द्ध में आषाढ़ और शारदीय नवरात्रि समान रूप से 18 दिन की देरी से आएंगे।

 

तिथियों में बदलाव का कारण 
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि नए साल 2026 के पहले ही माह जनवरी में देवी भक्तों को गत वर्ष की तुलना में करीब 10 दिन पहले, 19 जनवरी से शुरू होने जा रही माघ माह की गुप्त नवरात्रि में देवी आराधना का अवसर मिलेगा। इसके बाद हिंदी पंचांग के अनुसार चैत्र माह की नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होगी। यह संयोग माना जाएगा कि माघ और चैत्र-दोनों माह की नवरात्रि इस बार 19 तारीख से शुरू हो रही हैं।

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