Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 15 Mar, 2026 03:05 PM
चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि एवं नवसंवत्सर प्रारंभ होता है। श्रद्धालु मां आदिशक्ति की पूजा आराधना करते हैं। देवी मंदिरों एवं आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा
चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि एवं नवसंवत्सर प्रारंभ होता है। श्रद्धालु मां आदिशक्ति की पूजा आराधना करते हैं। देवी मंदिरों एवं आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। रामनवमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र की तरह चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से विक्रम संवत 2083 शुरू हो जाएगा। नए साल के राजा गुरु और मंत्री मंगल होंगे। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ब्रह्मांड का मंत्रिमंडल आगामी 19 मार्च से प्रभावी रहेगा। नए संवत्सर में राजा की गद्दी देवगुरु बृहस्पति को मिलने जा रही है। वहीं, चंद्रमा को तीन मंत्रालय मिलेंगे और मंगल को सिर्फ मंत्री के पद से संतोष करना पड़ेगा, जबकि सूर्य और शुक्र को कोई भी जिम्मेदारी नहीं मिलेगी। बृहस्पति के राजा बनने और वित्त, कृषि व पेट्रोलियम मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मिलने के चलते नये व्यापारिक मार्ग खुलेंगे। बारिश तय समय पर होने से फसल अच्छी रहेगी। हालांकि साइबर ठगी की घटनाओं का ट्रेंड बदलेगा।
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म में नव वर्ष विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है। इस बार 19 मार्च 2026 से नव विक्रम संवत्सर 2083 आरंभ होगा। साथ ही इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि भी आरंभ होतीं हैं। इस नवसंवत्सर 2083 को रौद्र नामक संवत्सर के रूप में जाना जाएगा। वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार वर्ष 2026 में हिन्दू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) का आगाज 19 मार्च, गुरुवार से होने जा रहा है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला 'गुड़ी पड़वा' इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रहा है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होगा, जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव 'राम नवमी' तक चलेगा। नव संवत्सर 2083 के शुरू होते ही ब्रह्मांडीय सत्ता और ग्रहों के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा, जिसका सीधा प्रभाव जनजीवन और प्रकृति पर पड़ेगा।
रौद्र संवत्सर
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रौद्र’ रहेगा। हिंदू ज्योतिष में प्रत्येक वर्ष का एक विशिष्ट नाम होता है, जो उसके संभावित स्वभाव और परिणामों का संकेत देता है। इस बार नववर्ष का आरंभ उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगा और उस समय शुक्ल योग के साथ मीन लग्न रहेगा। ‘रौद्र’ शब्द का अर्थ तीव्र या उग्र प्रवृत्ति से जुड़ा माना जाता है। इसी आधार पर यह अनुमान लगाया जाता है कि वर्ष के दौरान प्राकृतिक, सामाजिक या राजनीतिक स्तर पर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। यह देश और दुनिया में नरसंहार लेकर आएगा। मध्य एशिया में नरसंहार जारी है और अब यह दक्षिण एशिया में भी देखा जाएगा। इस दौरान मौसम में भारी बदलाव होगा और किसी बड़े भूकंप के आने या ज्वालामुखी फटने के संकेत भी मिलते हैं।
रौद्र संवत्सर मंत्रिमंडल
राजा गुरु
मंत्री मंगल
कृषिमंत्री (सश्येष) गुरु
खाद्य मंत्री (धान्येश) बुध
जलदाय मंत्री (मेघेश) चंद्रमा
उद्योग व खनिज मंत्री (रसेश) शनि
पेट्रोलियम मंत्री (नीरसेश) गुरु
वन व पर्यावरण मंत्री (फलेश) चंद्रमा
वित्तमंत्री(धनेश) गुरु
गृहमंत्री (दुर्गेश) चंद्रमा
भारत पर प्रभाव
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों की स्थिति और संवत्सर के राजा गुरु और मंत्री मंगल के प्रभाव से भारत में विभिन्न घटनाएं घटित होंगी। भारत की राजनीति में बडे़ परिवर्तन देखने को मिलेंगे। भारत में पाकिस्तानी आतंकवादी हमला होने की संभावना प्रबल है। पंजाब, बंगाल, कश्मीर, ओड़िसा और पूर्वोत्तर राज्य में समस्या उत्पन्न हो सकती है। भारत में जन आंदोलन हो सकता है जो भारत की राजनीति को अस्थिर करेगा। किसी घटना-दुर्घटना बड़ी जनहानि होने की संभावना है। भारत की सीमाओं पर तनाव बढ़ जाएगा। भारत में प्रदूषण अपने चरम पर होगा, मौसम और हवाओं से लोग परेशान रहेंगे। प्राकृतिक आपदाएं भूकंप, बाढ़,जल प्रलय की घटनाएं बढ़ जाएगी। इस साल भारत किसी बड़ी खोज या नई तकनीक से दुनिया का ध्यान खींच सकता है। गुरु और मंगल का संयोग कुछ विशेष परिवर्तनकारी घटनाओं का रहेगा,साथ ही गुरु की अतिचारी गति भी बहुत प्रभावित करेगी। ज्योतिष शास्त्र में इस तरह का संयोग असामान्य परिस्थितियों और तीव्र घटनाक्रमों का घातक माना जाता है। इस वर्ष प्रकृति में भी असाधारण हलचल देखने को मिल सकती हैं प्राकृतिक घटनाएं, मौसम में उतार-चढ़ाव और वातावरण में बदलाव लोगों को प्रभावित करेंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष साइबर अपराधों में वृद्धि होने की संभावना है।
सतर्क रहने की आवश्यकता
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा को लेकर लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। वहीं दूसरी ओर समाज में धर्म और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों का विस्तार भी देखने को मिलेगा। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक चिंतन की ओर लोगों का झुकाव बढ़ेगा। जो व्यक्ति धार्मिक और संयमी जीवन जीते हैं, उनके लिए यह वर्ष विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है सूर्य का प्रकोप अधिक रहेगा, जिससे तापमान में असामान्य वृद्धि हो सकती है इसके बावजूद किसानों के लिए यह वर्ष सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। कृषि क्षेत्र में सुधार, फसल उत्पादन में वृद्धि और मेहनत का फल मिलने के योग बन रहे हैं। परिवर्तन, संघर्ष और आध्यात्मिक उन्नति का वर्ष होगा। यह समय संयम, सतर्कता और धर्म के मार्ग पर चलने वालों के लिए उन्नति और सफलता का संदेश लेकर आएगा।
सफलता और चुनौतियों का मिश्रण
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि राजा बृहस्पति होने के कारण देश में आध्यात्मिक उन्नति और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में अकल्पनीय प्रगति होगी। विशेषकर कृषि और उत्पादन सेक्टर में रिकॉर्ड सफलता मिलने के योग हैं। हालांकि, मंगल के मंत्री होने से समाज में उग्रता, विवाद और रक्त संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। न्याय के देवता शनि की दृष्टि के कारण खनिज और तेल क्षेत्रों में कुछ प्रतिकूल प्रभाव दिख सकते हैं।
आर्थिक और वैश्विक प्रभाव
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि चंद्रमा की स्थिति एक सफल मानसून की ओर संकेत कर रही है, लेकिन बुध के प्रभाव से महंगाई में तेजी आ सकती है। सोना और चांदी (स्वर्ण-रजत) की कीमतों में भारी उछाल और उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। सरकारी राजकोष में वृद्धि होगी, लेकिन सुरक्षा और स्वास्थ्य मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
राशियों के लिए शुभ
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि हिंदू नव वर्ष चार राशियों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है। इस साल में गुरु और मंगल के प्रभाव के चलते मेष, वृश्चिक, धनु और मीन वालों को अनुकूल परिणाम मिलेंगे। इन राशियों को करियर के क्षेत्र में उन्नति मिलेगा और धन लाभ के भी योग बनेंगे। रोजगार के नए साधन इनको मिल सकता है। पदोन्नति और समाजिक स्तर पर आपका मान-सम्मान बढ़ने की भी संभावना है। राजनीति के क्षेत्र में हैं तो आपके शुभचिंतकों की संख्या बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन भी सुखमय रहे।
करें पूजा-पाठ और दान
ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।