Edited By Anil Jangid, Updated: 29 Aug, 2026 08:17 PM
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर - जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि महीने की शुरुआत 2 सितंबर को शुक्र के तुला राशि में प्रवेश से होगी। इसके बाद 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहां उन्हें मजबूत स्थिति में माना...
जयपुर। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रह निरंतर अपनी राशि में परिवर्तन करते हैं। एक विशेष अवधि और चाल के अनुसार ये ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं। इन ग्रहों की हलचल से ही सभी राशियां प्रभावित होती हैं। इसी कड़ी में सितंबर माह में 4 ग्रह अपनी राशि बदलेंगे। इन ग्रहों में बुध, सूर्य, मंगल और शुक्र ग्रह शामिल हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर - जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि महीने की शुरुआत 2 सितंबर को शुक्र के तुला राशि में प्रवेश से होगी। इसके बाद 7 सितंबर को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहां उन्हें मजबूत स्थिति में माना जाता है। सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे, जबकि 18 सितंबर को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। महीने के अंत में 26 सितंबर को बुध तुला राशि में गोचर करेंगे। इसके अलावा शनि पूरे महीने मीन राशि में वक्री रहेंगे, जबकि राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। इस तरह के सितंबर माह में ग्रहों के राशि परिवर्तन करने से कुछ राशि वालों को विशेष लाभ मिल सकता है।
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का असर व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष के नजरिए से भी ये माह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस माह में 4 ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। वैदिक ज्योतिष के सिद्धांत के अनुसार मनुष्य के जीवन में जो भी घटनाएं घटित होती हैं। उनका कारण ग्रहीय दशा, गोचर, उनकी चाल है। सौरमंडल में बैठे ग्रह ही यह निर्धारित करते हैं कि आने वाला समय कैसा होगा और मनुष्य जीवन पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
शुक्र का वृषभ राशि में गोचर
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि सुख, भोग-विलास के कारक ग्रह शुक्र 2 सितंबर को कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर कर जाएंगे। शुक्र देव के राशि परिवर्तन से कुछ राशि के जातक को बहुत ही लाभ मिलेगा। इनका अपनी ही राशि में गोचर करने से पृथ्वी वासियों पर सर्वाधिक प्रभाव पड़ेगा। शुक्र दांपत्य जीवन और प्रेम संबंधों को नई ऊर्जा और गर्माहट से भर देता है किंतु कुछ राशियों के लिए संकेत है कि वे अपने प्रेम संबंधों को पारदर्शिता और सत्यता के साथ संभालकर रखें, वरना उन्हें ऐसे संबंधों में ठोकर भी खानी पड़ सकती है।
शुभ - मेष, वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मकर
अशुभ - कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ और मीन
बुध का कन्या राशि में गोचर
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। यह सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह हैं। सितंबर के महीने में ग्रहों के राजुकमार 07 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे। कन्या राशि में बुध उच्च के होते हैं और स्वराशि भी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध जब उच्च राशि में होते हैं तो इनकी पोजिशन अच्छी होती है। बुध का कन्या राशि में गोचर करने से करियर, नौकरी, कारोबार, व्यापार और आर्थिक स्थितियों पर प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान नए-नए अवसरों की प्राप्ति हो सकती है।
शुभ - वृष, सिंह, कन्या, तुला, , वृश्चिक और मकर
अशुभ - मेष, मिथुन, कर्क, धनु, कुंभ और मीन
सूर्य का कन्या राशि में गोचर
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि सूर्य हर माह अपनी राशि बदलते हैं, जिसको सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है। ग्रहों के राजा सूर्य 17 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे। खास बात यह है कि, कन्या सूर्य के मित्र की राशि है और यही कारण यह गोचर बेहद खास रहने वाला है। इसके प्रभाव से कुछ राशियों को विशेष परिणाम प्राप्त होने की संभावनाएं हैं। इस समय सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। साथ ही पुराने अटके हुए काम पूरे होने के साथ पुराने सौदों से अच्छा लाभ मिलने के भी योग बनेंगे।
शुभ - वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और कुंभ
अशुभ - मेष, वृश्चिक, धनु, मकर और मीन
मंगल का कर्क राशि में गोचर
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि मंगल देव 18 सितंबर को कर्क राशि में गोचर करेंगे। कर्क चंद्रमा की राशि है और यह मंगल की नीच राशि मानी जाती है। मंगल का यह गोचर विशेष रूप से ऊर्जा और साहस में वृद्धि करेगा, जिससे कुछ जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मंगल ग्रह भूमि, जमीन-जायदाद, प्रापर्टी, युद्ध, सेना, रक्त और क्रोध के कारक ग्रह माने जाते हैं। जब भी मंगल ग्रह राशि परिवर्तन करते हैं तो इनका विशेष प्रभाव लोगों के जीवन पर पड़ता है। कर्क राशि में मंगल ग्रह का गोचर करने से कुछ राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा और धन लाभ के मौके बनेंगे।
शुभ - मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ और मीन
अशुभ - वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मकर
बुध का तुला राशि में गोचर
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। ग्रहों के राजुकमार 26 सितंबर को तुला राशि में गोचर करेंगे। तुला राशि शुक्र की स्वामित्व वाली राशि है। यह स्थिति बुध के लिए अनुकूल मानी जाती है। इस दौरान लोगों के विचारों में स्पष्टता, बातचीत में प्रभाव और कार्यक्षेत्र में प्रगति की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। कुछ राशियों को आर्थिक लाभ और नई सफलता के अवसर भी मिल सकते हैं।
शुभ - मेष, वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मकर
अशुभ - कर्क, सिंह, वृश्चिक, कुंभ और मीन
ग्रहों के गोचर का प्रभाव
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि व्यापार में तेजी आएगी। देश में कई जगह ज्यादा बारिश होगी। प्राकृतिक घटनाएं होगी। भूकंप आने की संभावना है। तूफान, बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ टूटने, सड़के और पुल भी टूटने की घटनाएं हो सकती हैं। बस और रेलवे यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है। बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है। शासन-प्रशासन और राजनैतिक दलों में तेज संघर्ष होंगे। सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं। खदानों में दुर्घटना और भूकंपन से जन-धन हानि होने की आशंका बन रही है। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। राजनीति में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा।
क्या करें उपाय
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें। प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं। हनुमान जी को पान का भोग और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए। माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए।