30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा सावन का महीना

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jul, 2026 02:50 PM

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श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा।

जयपुर। सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस साल सावन में कुल 4 सोमवार आ रहे हैं। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे और चार मंगला गौरी व्रत होंगे। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय मंत्र जप का भी बहुत महत्व होता है। 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जप करने से सभी तरह के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। शिव भगवान को यदि प्रसन्न करना है तो सावन माह में पूरे विधि विधान के साथ उनकी पूजा जरूर करनी चाहिए।  श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा।  सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस साल सावन में कुल 4 सोमवार आ रहे हैं। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे और चार मंगला गौरी व्रत होंगे। सावन माह में सोमवार के दिन का भी विशेष महत्व होता है। सावन सोमवार व्रत मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टि से सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस महीने राशि के अनुसार विशेष उपाय करने शिवजी की कृपा प्राप्त होती है।

 

सावन के प्रत्येक सोमवार और सभी मंगलवार बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। सावन के सभी सोमवार को शिवजी का व्रत रखा जाता है। वहीं सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत होता है। सुहागिन महिलाओं के लिए सावन के मंगला गौरी व्रत का खास महत्व होता है। महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती हैं। इसके साथ ही सावन के दोनों प्रदोष व्रत, नाग पंचमी, रक्षा बंधन और हरियाली तीज जैसे प्रमुख व्रत त्योहार भी धूमधाम से मनाए जाते हैं। सावन के सोमवार का भक्तों को बहुत इंतजार रहता है। इस महीने में भोलेशंकर की विशेष अराधना की जाती है। लोग  भोले शंकर का रुद्राभिषेक कराते हैं।  सावन मास भगवान शिव का सबसे पसंदीदा माह है और इस दौरान यदि कोई श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ भोलेनाथ की आराधना करता है तो उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है इस महीने भगवान शिव की विधि-विधान के साथ पूजा होती है। सावन के पावन महीने में शिव के भक्त कावड़ लेकर आते हैं और उस कांवड़ में भरे गंगा जल से शिवजी का अभिषेक करते हैं। 

 

कब से कब तक रहेगा सावन
इस साल सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा।  सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ेगा और सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ रहा है। इस साल सावन में कुल 4 सोमवार आ रहे हैं। सावन महीने में 4 सोमवार व्रत होंगे और चार मंगला गौरी व्रत होंगे।

 

शुभ योग 
इस बार सावन के पहले ही दिन एक विशेष योग बन रहा है, जिसे शिववास योग कहा जाता है। इस शुभ संयोग में भगवान शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान रहेंगे। मान्यता है कि इस योग में शिवजी की पूजा और जलाभिषेक करने से साधक को सौभाग्य, सुख-समृद्धि और मनचाहा वरदान प्राप्त होता है।

 

सावन में 4 सोमवार 
सावन में 4 सोमवार व्रत रहेंगे। इसके अलावा कई विशेष शुभ योग भी आएंगे। ऐसी मान्यता है कि इस माह में किए गए सोमवार के व्रत का फल बहुत जल्दी मिलता है। 

 

सावन सोमवार की तिथियां
पहला सावन सोमवार- 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार -10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार - 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार - 24 अगस्त 2026

 

मंगला गौरी व्रत तिथि
पहला मंगला गौरी व्रत -  4 अगस्त 2026
दूसरा मंगला गौरी व्रत –  11 अगस्त 2026
तीसरा मंगला गौरी व्रत –  18 अगस्त 2026
चौथा मंगला गौरी व्रत –  25 अगस्त 2026

 

सावन का महत्व
सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा अर्चना का विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है इस दिन जो भी पार्वती और भगवान भोलेनाथ की आराधना करता है उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ को अपने पति के रूप में पाने के लिए  माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी। इसके फलस्वरूप महादेव ने पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वर दिया। मान्यता है कि जो भी सावन के सोमवार में भगवान भोलेनाथ की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करता है उसे  मनचाहा वर या वधू प्राप्त होता है। इसके अलावा सावन के सोमवार का व्रत रखने से कुंडली में चंद्रमा की  स्थिति मजबूत होती है और इसके अलावा राहु-केतु  का अशुभ प्रभाव दूर होता है।

 

मां पार्वती को भी सावन अत्यंत प्रिय 
भगवान शंकर को जिस तरह से सावन मास प्रिय है। ठीक उसी तरह से मां पार्वती को भी सावन का महीना अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि सावन महीने में सोमवार के दिन भगवान शंकर की पूजा करने से मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। वहीं सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रकने से मां पार्वती की कृपा से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

 

सावन  व्रत त्योहार 
30 जुलाई: सावन मास आरंभ
2 अगस्त: संकष्टी गणेश चतुर्थी
3 अगस्त: पहला सावन सोमवार
5 अगस्त: शीतला सप्तमी
6 अगस्त: मंगला गौरी व्रत
9 अगस्त: कामदा एकादशी
10 अगस्त: दूसरा सावन सोमवार
12 अगस्त: हरियाली अमावस्या
15 अगस्त: हरियाली तीज
17 अगस्त: नाग पंचमी
17 अगस्त: तीसरा सावन सोमवार
23 अगस्त: पुत्रदा एकादशी
24 अगस्त: चौथा सावन सोमवार
28 अगस्त: सावन पूर्णिमा व रक्षाबंधन

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