19 साल बाद बन रहा है ज्येष्ठ मास के 8 बड़े मंगल का संयोग

Edited By Anil Jangid, Updated: 27 Apr, 2026 08:21 PM

rare astronomical alignment 8 bada mangal days in jyeshtha month

जयपुर। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 इस दृष्टि से अत्यंत खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार ज्येष्ठ मास 2 मई से शुरू...

जयपुर। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। वर्ष 2026 इस दृष्टि से अत्यंत खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार ज्येष्ठ मास 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक चलेगा और अधिक मास के कारण यह अवधि सामान्य से बढ़कर 59 दिनों की हो जाएगी। श्री लक्ष्मीनारायण एस्ट्रो सॉल्यूशन अजमेर की निदेशिका ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि इसी अद्भुत खगोलीय और ज्योतिषीय संयोग के चलते इस वर्ष भक्तों को 4 या 5 नहीं, बल्कि पूरे 8 बड़े मंगल के पावन अवसर प्राप्त होंगे, जो हनुमान भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माने जा रहे हैं। ज्येष्ठ मास में 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ संयोग लगभग 19 साल बाद बन रहा है। इससे पहले ऐसा विशेष योग वर्ष 2007 में देखने को मिला था। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में बजरंगबली अपने वृद्ध स्वरूप में भक्तों के दुख-दर्द हरते हैं और उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करने का आशीर्वाद देते हैं। जो श्रद्धालु इस पावन समय में हनुमान जी की विधिवत पूजा, सेवा और भक्ति करते हैं, उन्हें विशेष कृपा प्राप्त होती है। 

 

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ (जेठ) महीने में पड़ने वाले मंगलवार का महत्व कई गुना अधिक माना गया है। इन्हें 'बड़ा मंगल' या 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है। इन खास दिनों में बजरंगबली के वृद्ध स्वरूप की पूजा करने का विधान है। भक्त इस दिन मंदिरों में दर्शन-पूजन करते हैं और जगह-जगह विशाल भंडारों का आयोजन किया जाता है।

 

क्यों बन रहा है यह दुर्लभ संयोग?
आमतौर पर ज्येष्ठ महीने में 4 या 5 मंगलवार होते हैं, लेकिन इस बार 'अधिक मास' यानी पुरुषोत्तम माह के चलते बुढ़वा मंगल की अवधि बढ़ गई है। जब भी ज्येष्ठ के महीने में अधिक माह का संयोग बनता है, तो मंगलवारों की संख्या बढ़ जाती है। इससे पहले ऐसा अद्भुत संयोग 19 साल पहले देखा गया था। इस महासंयोग में हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को आठ गुना फल प्राप्त होगा और कुंडली के ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिलेगी।

 

बड़े मंगल की पौराणिक कथा और महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन ही प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का पहली बार मिलन हुआ था। इसी पावन संयोग के कारण इस माह के हर मंगलवार का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि बुढ़वा मंगल के दिन भगवान राम और हनुमान जी की उपासना करने से भक्तों को दोनों का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस दिन की गई पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है।

 

बड़ा मंगल 2026 
प्रथम बड़ा मंगल - 5 मई 2026
द्वितीय बड़ा मंगल - 12 मई 2026
तृतीय बड़ा मंगल - 19 मई 2026
चतुर्थ बड़ा मंगल - 26 मई 2026 
पंचम बड़ा मंगल - 2 जून 2026
छठा बड़ा मंगल - 9 जून 2026
सातवां बड़ा मंगल - 16 जून 2026
आठवां बड़ा मंगल - 23 जून 2026

 

सेवा और उपासना का दिन
श्रद्धा और उपासना का पावन दिन ज्येष्ठ माह के 'बड़े मंगल' पर हनुमान मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। इस दिन पवनपुत्र को सिंदूर और चोला अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करना भक्तों के लिए विशेष फलदायी और मानसिक शांति देने वाला माना जाता है।
क्या करें और क्या न करें
भंडारा: इस दिन विशेष रूप से शरबत और पूड़ी-सब्जी का भंडारा (प्रसाद वितरण) किया जाता है।.
पूजा विधि: ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की आराधना (हनुमान चालीसा का पाठ, सिंदूर, चोला चढ़ाना) से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
दानः पानी से भरे घड़े, छाता, सत्तू, पंखे और चरण पादुका का दान करें।
भोजनः सात्विक भोजन करें और दोपहर में सूर्य की तपिश से बचें।
वर्जित कार्यः इस महीने में दिन में सोने की मनाही है और दोपहर में यात्रा न करें, इसके साथ ही तामसिक भोजन से बचना चाहिए।

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