28 अगस्त को रक्षाबंधन, सुकर्मा योग में पूरे दिन बहनें बांध सकेंगी राखी

Edited By Anil Jangid, Updated: 26 Aug, 2026 12:45 PM

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जयपुर। रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के बीच प्रेम का प्रतीक है। इसमें बहन भाई को तिलक लगाकर उसके दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी जीवन भर बहन के सुख-दुख में साथ निभाने का वादा करता है और स्नेह स्वरूप बहन को उपहार भी देता है।

जयपुर। रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के बीच प्रेम का प्रतीक है। इसमें बहन भाई को तिलक लगाकर उसके दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी जीवन भर बहन के सुख-दुख में साथ निभाने का वादा करता है और स्नेह स्वरूप बहन को उपहार भी देता है। इस त्योहार को प्राचीन काल से मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस पर्व को हिंदी पंचांग के श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। पूर्णिमा के दिन मनाएं जाने कि वजह से कई जगह इसे राखी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन का पर्व बेहद खास रहने वाला है। 28 अगस्त 2026 को पूरे दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय रहेगा, क्योंकि भद्राकाल का साया नहीं रहेगा। पूर्णिमा पर आमतौर पर भद्रा रहती है और भद्राकाल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।  इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा। पंचांग की गणना के अनुसार 27 अगस्त को सुबह 9:09 मिनट से भद्रा शुरू होगी, जो रात 9:25 मिनट तक रहेगी। जिससे 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पूरा दिन शुभ रहेगा। खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर भद्राकाल का साया नहीं रहेगा, यानी बहनें सुबह से लेकर शाम तक कभी भी अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।  श्रावणी पूर्णिमा पर 28 अगस्त को शतभिषा नक्षत्र, सुकर्मा योग, बव उपरांत कौलव करण तथा मीन राशि के चंद्रमा की साक्षी में मनाया जाएगा। धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार बहनें भाई की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी। शुक्रवार के दिन सुकर्मा योग होने से भी यह दिन विशेष शुभ फलदायी माना जा रहा है।

 

रक्षाबंधन का त्योहार बहन-भाई के बीच प्रेम का प्रतीक है। इसमें बहन भाई को तिलक लगाकर उसके दीर्घायु की कामना करती है। भाई भी जीवन भर बहन के सुख-दुख में साथ निभाने का वादा करता है और स्नेह स्वरूप बहन को उपहार भी देता है। इस त्योहार को प्राचीन काल से मनाने की परंपरा चली आ रही है। रक्षाबंधन पर अबकी बार भद्रा का साया नहीं है। रक्षाबंधन पर अक्सर ऐसा होता है कि भद्रा का अशुभ साया भाई-बहन के इस पवित्र त्योहार में खलल डाल देता है और त्योहार का मजा किरकिरा हो जाता है। खुशी की बात यह है कि इस बार भद्रा नहीं है और भाई-बहन पूरे आनंद और प्रेम सौहार्द के साथ इस त्योहार को मनाएंगे। रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को होता है। इस दिन बहनें राखी के रूप में अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं और भाई इसके बदले में बहनों को उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं।

 

नहीं रहेगा भद्रा का साया 
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा। पंचांग की गणना के अनुसार 27 अगस्त को सुबह 9:09 मिनट से भद्रा शुरू होगी, जो रात 9:25 मिनट तक रहेगी। जिससे 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पूरा दिन शुभ रहेगा।

 

रक्षाबंधन तिथि
रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। सावन के महीने के आखिरी दिन यानी के श्रावण पूर्णिमा को रक्षाबंधन मनाया जाता है। श्रवण शुक्ल पूर्णिमा, 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को रक्षाबन्धन है। इस दिन पूर्णिमा तिथि प्रातः 9:48 तक है। रक्षाबंधन पर्व पर भद्रा का साया नहीं होगा। 
पूर्णिमायां भद्रारहितायां त्रिमुहूर्त्ताधिकोदय व्यापिन्यामपराह्न प्रदोषे वा कार्यम् - धर्मसिन्धु । 

 

रक्षा बंधन : - 28 अगस्त 2026
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: - 27 अगस्त को सुबह 09:08 मिनट से शुरू
पूर्णिमा तिथि समापन: - 28 अगस्त को सुबह 09:48 मिनट तक

 

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त
चर-लाभ-अमृत का चौघड़िया प्रातः 06:08 से प्रातः 10:53 तक 
शुभ का चौघड़िया दोपहर 12:28 से दोपहर 02-03 तक 
अपराह्न दोपहर 01:44 से सायं 04:16 तक 
चर का चौघड़िया सायं 05-13 से सायं 05 06.48 तक 
अभिजित दोपहर 12:04 से दोपहर 12:53 तक है।

 

राखी बांधने का सही तरीका
राखी बंधवाते समय भाई का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। बहनों को पूजा की थाली में चावल, रौली, राखी, दीपक आदि रखना चाहिए। इसके बाद बहन को भाई के अनामिका अंगुली से तिलक करना चाहिए। तिलक के बाद भाई के माथे पर अक्षत लगाएं। अक्षत अखंड शुभता को दर्शाते हैं। उसके बाद भाई की आरती उतारनी चाहिए और उसके जीवन की मंगल कामना करनी चाहिए। कुछ जगहों पर भाई की सिक्के से नजर उतारने की भी परंपरा है।

 

राशि अनुसार बहनें अपने भाई के हाथ पर कोनसे कलर की राखी बांधें।
मेष :- राशि के भाई को मालपुए खिलाएं एवं लाल डोरी से निर्मित राखी बांधे।
वृषभ :- राशि के भाई को दूध से निर्मित मिठाई खिलाएं एवं सफेद रेशमी डोरी वाली राखी बांधे।
मिथुन :- राशि के भाई को बेसन से निर्मित मिठाई खिलाएं एवं हरी डोरी वाली राखी बांधे। 
कर्क :- राशि के भाई को रबड़ी खिलाएं एवं पीली रेशम वाली राखी बांधे।
सिंह :- राशि के भाई को रस वाली मिठाई खिलाएं एवं पंचरंगी डोरे वाली राखी बांधे।
कन्या :- राशि के भाई को मोतीचूर के लड्डू खिलाएं एवं गणेशजी के प्रतीक वाली राखी बांधे।
तुला :-राशि के भाई को हलवा या घर में निर्मित मिठाई खिलाएं एवं रेशमी हल्के पीले डोरे वाली राखी बांधे।
वृश्चिक :- राशि के भाई को गुड़ से बनी मिठाई खिलाएं एवं गुलाबी डोरे वाली राखी बांधे।
धनु :- राशि के भाई को रसगुल्ले खिलाएं एवं पीली व सफेद डोरी से बनी राखी बांधे।
मकर :- राशि के भाई को मिठाई खिलाएं एवं मिलेजुले धागे वाली राखी बांधे।
कुंभ :- राशि के भाई को ग्रीन मिठाई खिलाएं एवं नीले रंग से सजी राखी बांधे।
मीन :- राशि के भाई को मिल्क केक खिलाएं एवं पीले-नीले जरी की राखी बांधे।

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