25 मई से 2 जून तक रहेगा नौतपा, पड़ेगी भीषण गर्मी

Edited By Anil Jangid, Updated: 22 May, 2026 02:25 PM

nautapa 2026 intense heatwave expected in india from may 25 to june 2

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 25 मई को 15:37 बजे प्रवेश करेंगे। इसके बाद सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को 13:33 बजे तक अर्थात 15 दिन रहेंगे।

जयपुर। इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। लगभग 9 दिनों तक चलने वाली इस अवधि में भीषण गर्मी पड़ने की संभावनाएं हैं। वहीं ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति बता रही है कि इस दौरान कई स्थानों पर तेज गर्म हवाएं और असहनीय तापमान देखने को मिल सकता है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 25 मई को 15:37 बजे प्रवेश करेंगे। इसके बाद सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को 13:33 बजे तक अर्थात 15 दिन रहेंगे। ऐसे में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के प्रारंभ के नौ दिन तक नौतपा का प्रभाव रहेगा। 8 जून को ही सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर जायेंगे और 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। रोहिणी नक्षत्र में सूर्यदेव के प्रवेश से नौतपा भी प्रारंभ हो जाएंगे। नौतपा से आशय सूर्य का नौ दिनों तक अपने सर्वोच्च ताप में होना है यानि इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है। 

 

25 मई 2026 से 2 जून 2026 तक नौतपा का प्रभाव रहने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह अवधि वर्ष के सबसे अधिक गर्म और प्रभावशाली दिनों में गिनी जाती हैं। मान्यता है कि, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती हैं। इस दौरान सूर्य का तेज और अग्नि तत्व अत्यधिक सक्रिय हो जाता है, जिसका सीधा असर पृथ्वी और मौसम पर देखने को मिलता है। कहा जाता है कि, नौतपा के दिनों में सूर्य की किरणें अधिक प्रखर होकर धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। यही वजह है कि इस समय भीषण गर्मी और तेज लू का सामना करना पड़ता है।

 

गर्मी का कहर अब और तेज होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक हालांकि राहत के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए केंद्र सरकार पहले ही हीटवेव एडवाइजरी जारी कर चुकी है। इसी बीच 25 मई से नौतपा की शुरुआत होने जा रही है, जो 2 जून तक चलेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान कई राज्यों में लू चलने और तापमान के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना है।

 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई के आखिरी दिनों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। दोपहर के समय सड़कों पर गर्म हवा के थपेड़े महसूस किए जा रहे हैं और कई राज्यों में हीटवेव जैसी स्थिति बनने लगी है। सरकार ने लोगों को बिना जरूरी काम के दोपहर में बाहर न निकलने, शरीर को हाइड्रेट रखने और धूप से बचने की सलाह दी है।

 

45 डिग्री के करीब पहुंच सकता है तापमान
25 मई से शुरू होने वाला नौतपा इस गर्मी को और ज्यादा बढ़ा सकता है। माना जाता है कि इन दिनों सूर्य की किरणें बेहद तेज हो जाती हैं, जिससे तापमान तेजी से ऊपर जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले 9 दिनों में कई शहरों में पारा 45 डिग्री के करीब पहुंच सकता है और लू का असर भी अधिक खतरनाक हो सकता है।

 

लोगों की सेहत पर पड़ेगा असर
गर्मी का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि अगले कुछ दिन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

 

नौतपा कब होगा शुरू
नौतपा तब होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है । यह हर साल आता है और इस दौरान 9 दिनों तक सूर्य देव उग्र रूप में रहते हैं। सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है और भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है।  इस बार भी सूर्य 25 मई को 15:37 बजे रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा और 8 जून तक यहीं रहेगा । 8 जून के बाद यह मृगशिरा नक्षत्र में चला जाएगा। सूर्य जितने दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में रहता है। पृथ्वी भी उतने ही दिनों तक अत्यधिक गर्मी का अनुभव करती है । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गर्मी का मौसम 9 दिनों तक रहता है। यानी पृथ्वी पर लोगों को 9 दिनों तक अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ता है । 

 

प्रभाव
नौतपा के कारण संक्रमण में कमी आयेगी। संक्रमण का असर न्यूनतम होगा। लोगों में अनुकूलता और आरोग्यता भी बढ़ेगी। खगोल विज्ञान के अनुसार इस दौरान धरती पर सूर्य की किरणें सीधी लम्बवत पड़ती हैं। जिस कारण तापमान अधिक बढ़ जाता है। यदि नौतपा के सभी दिन पूरे तपें, तो यह अच्छी बारिश का संकेत होता है।

 

पौधारोपण
ज्योतिष शास्त्र में नौतपा के दौरान पौधे लगाना विशेष फलदायी माना गया है। यह केवल पर्यावरण संरक्षण ही नहीं, बल्कि पुण्य कर्म भी माना जाता है। पीपल, नीम, बरगद या फलदार पौधे लगाने से सूर्य से जुड़ी अशुभता कम होती है।

 

जल का दान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान भीषण गर्मी होती हैं। इसलिए इन दिनों में प्यासे लोगों को ठंडा जल पिलाना, मटका दान करना या राहगीरों के लिए पानी की व्यवस्था करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इससे सूर्य दोष शांत होता है। साथ ही भाग्योदय होता है। 

 

पौराणिक महत्व
नौतपा का ज्योतिष के साथ-साथ पौराणिक महत्व भी है। ज्योतिष के सूर्य सिद्धांत और श्रीमद् भागवत में नौतपा का वर्णन आता है। कहते हैं जब से ज्योतिष की रचना हुई, तभी से ही नौतपा भी चला आ रहा है। सनातन सस्कृति में सदियों से सूर्य को देवता के रूप में भी पूजा जाता रहा है। नौतपा को लेकर लोक मान्यता है कि नौतपा के सभी दिन पूरे तपें, तो आगे के दिनों में अच्छी बारिश होती है। ज्योतिषों का कहना है कि चंद्रमा जब ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आर्द्रा से स्वाति नक्षत्र तक अपनी स्थितियों में हो और इसके साथ ही अधिक गर्मी पड़े, तो वह नौतपा कहलाता है। वहीं अगर सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होता है तो उस दौरान बारिश हो जाती है तो इसे रोहिणी नक्षत्र का गलना भी कहा जाता है।  

 

मानसून का गर्भकाल
मान्यता है कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण यह मानसून का गर्भ आ जाता है और इसी कारण नौतपा को मानसून का गर्भकाल माना जाता है। ऐसे में जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होता है तो उस समय चंद्रमा नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं।

 

परंपरा
परंरपरा के अनुसार नौतपा के दौरान महिलाएं हाथ पैरों में मेहंदी लगाती हैं। क्योंकि मेहंदी की तासीर ठंडी होने से तेज गर्मी से राहत मिलती है। इन दिनों में पानी खूब पिया जाता है और जल दान भी किया जाता है ताकि पानी की कमी से लोग बीमार न हो। इस तेज गर्मी से बचने के लिए दही, मक्खन और दूध का उपयोग ज्यादा किया जाता है। इसके साथ ही नारियल पानी और ठंडक देने वाली दूसरी और भी चीजें खाई जाती हैं।

 

क्या करें और क्या न करें
ग्रहों और नक्षत्रों के प्रभाव में नवत्पा 25 मई से शुरू हो रहा है। नौतपा के दिनों में विवाह जैसी मांगलिक यात्रा में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहों की स्थिति को देखते हुए देश के पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में प्राकृतिक आपदाएं पैदा हो रही हैं। यह नौतपा 02 जून तक चलेगा। .नौतपा के दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहता है। इसके फलस्वरूप सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं, इस दौरान अत्यधिक भीषण गर्मी देखी जा सकती है। सूर्य की मौजूदा स्थिति अशुभ फल दे सकती है। वृष राशि वालों के लिए वर्तमान समय खराब है।

 

सूर्य की आराधना 
रोहिणी नक्षत्र के दौरान सूर्य की आराधना करना विशेष फलदायी होता है। सुबह सूर्योदय के पहले स्नान कर सूर्य को अर्घ दें। जलपात्र में कंकूम डाले और सूर्य को जल चढ़ाए। जल चढ़ाते समय सूर्यदेव का मंत्र ऊं  घृणि सूर्याय नमः, या ऊँ सूर्यदेवाय नमः का निरंतर जाप करें।

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