Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Mar, 2026 06:00 PM

जयपुर। चैत्र नवरात्रि 2026 के शुभ अवसर पर घट स्थापना का महत्वपूर्ण मुहूर्त 19 मार्च को है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष चैत्रशुक्ल प्रतिपदा गुरुवार, 19 मार्च 2026 को प्रातः 06:54...
जयपुर। चैत्र नवरात्रि 2026 के शुभ अवसर पर घट स्थापना का महत्वपूर्ण मुहूर्त 19 मार्च को है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष चैत्रशुक्ल प्रतिपदा गुरुवार, 19 मार्च 2026 को प्रातः 06:54 बजे से लेकर रात 04:52 तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का आरंभ और घट स्थापना इसी दिन होगी।
घट स्थापना के शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत और घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:
द्विस्वभाव मीनलग्न: प्रातः 06:54 से प्रातः 07:50 तक
मिथुनलग्न: प्रातः 11:24 से दोपहर 01:38 तक
शुभ चौघड़िया: प्रातः 06:54 से प्रातः 08:05 तक
चर-लाभ-अमृत चौघड़िया: प्रातः 11:04 से दोपहर 03:32 तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:59 तक
इन मुहूर्तों में घट स्थापना और पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह समय देवी दुर्गा की उपासना के लिए सर्वोत्तम रहेगा, जब देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है और आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
नवरात्रि के दौरान पूजा विधि:
नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना करते समय घर में पवित्रता का ध्यान रखें। इस दिन देवी के प्रतीक के रूप में कलश (घट) स्थापित किया जाता है और फिर पूरे नौ दिनों तक पूजा अर्चना की जाती है। इस अवसर पर मंत्रोच्चार, हवन, और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस शुभ मुहूर्त में घट स्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और मानसिक शांति का वातावरण बना रहता है। साथ ही देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने से जीवन के समस्त कष्ट समाप्त होते हैं।
चैत्र नवरात्रि के इस पर्व पर हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और आशीर्वाद का वास हो, यही हमारी शुभकामनाएं हैं।