Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Jan, 2026 03:32 PM

दौसा/सिकराय। सिकराय उपखंड के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत लांका गांव की हुकाली घाटी में बीती रात उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब लालसार–दौसा मुख्य मार्ग के पास एक पैंथर ने खुले में घूम रही गाय पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। हैरानी की बात यह रही...
दौसा/सिकराय। सिकराय उपखंड के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत लांका गांव की हुकाली घाटी में बीती रात उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब लालसार–दौसा मुख्य मार्ग के पास एक पैंथर ने खुले में घूम रही गाय पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। हैरानी की बात यह रही कि शिकार के बाद पैंथर जंगल की ओर जाने के बजाय करीब एक घंटे तक बीच सड़क पर ही सीना तानकर बैठा रहा।
पैंथर को सड़क पर बैठे देख दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों में इतना खौफ था कि किसी ने भी हॉर्न बजाने या वाहन आगे बढ़ाने की हिम्मत नहीं की। पूरी घाटी में सन्नाटा और डर का माहौल बन गया।
दो पैंथर होने का दावा, वीडियो हुआ वायरल
घटना के प्रत्यक्षदर्शी इलियास खान ने बताया कि वे दोस्तों के साथ रिश्तेदारी से लौट रहे थे, तभी हुकाली घाटी में पैंथर दिखाई दिया। इलियास के अनुसार मौके पर एक नहीं बल्कि दो पैंथर मौजूद थे। उन्होंने कार के अंदर से सुरक्षित रहते हुए पैंथर का वीडियो भी बनाया, जिसमें पैंथर सड़क पर पूरी तरह निडर होकर बैठा नजर आ रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आसपास के गांवों में भय और बढ़ गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा की मांग
पैंथर की इस बेखौफ गतिविधि से लांका, हुकाली घाटी और लालसार क्षेत्र के पशुपालकों में भारी चिंता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पैंथरों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों का कहना है कि पैंथर अब आबादी और मुख्य सड़कों तक पहुंचने लगे हैं, जो किसी बड़ी जनहानि का संकेत है। काफी देर बाद जब पैंथर खुद ही जंगल की ओर चला गया, तब जाकर यातायात सुचारु हो सका।
वन विभाग से पिंजरा लगाने की अपील
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, संवेदनशील स्थानों पर कैमरे लगाए जाएं और आबादी क्षेत्र के पास पिंजरे लगाकर पैंथरों को पकड़ा जाए। ताकि लोग बिना डर के घरों से बाहर निकल सकें और अपने मवेशियों को सुरक्षित रूप से चरा सकें।