Edited By Anil Jangid, Updated: 16 Jan, 2026 03:25 PM

उदयपुर। चित्तौड़गढ़ के पूर्व नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा को जान से मारने की धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह धमकी 14 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजकर 26 मिनट पर एक अज्ञात नंबर से आए व्हाट्सऐप वॉइस कॉल के जरिए दी गई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने...
चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ के पूर्व नगर परिषद सभापति संदीप शर्मा को जान से मारने की धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह धमकी 14 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजकर 26 मिनट पर एक अज्ञात नंबर से आए व्हाट्सऐप वॉइस कॉल के जरिए दी गई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए कुख्यात लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़ा होने का दावा किया। इस घटना के बाद पूर्व सभापति और उनका परिवार गहरे भय और दहशत में है।
जानकारी के अनुसार, कॉल के दौरान आरोपी ने संदीप शर्मा की कथित करोड़ों की कमाई का जिक्र करते हुए कहा कि उसकी ओर से उनकी पूरी रेकी कर ली गई है। आरोपी ने न केवल संदीप शर्मा बल्कि उनके परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। कॉल के तुरंत बाद आरोपी ने एक वॉइस मैसेज भी भेजा, जिसमें 24 घंटे के भीतर संपर्क नहीं करने पर जान से मारने की बात दोहराई गई। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए संदीप शर्मा ने तत्काल उदयपुर के सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिस मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज भेजा गया, उसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी देखा जा रहा है कि धमकी वास्तव में किसी संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़ी है या फिर किसी शरारती तत्व द्वारा डराने और वसूली के उद्देश्य से दी गई है।
एहतियातन पुलिस ने संदीप शर्मा के आवास और होटल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। वहां बैरिकेट्स लगाए गए हैं और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले और प्रदेश में गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के नाम पर धमकी और रंगदारी के कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में कन्हैयालाल खटीक और रावतभाटा के एक ठेकेदार को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं। इन घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।