अभ्रक का ‘काला खेल’: खान विभाग सख्त, यूआईटी और देवस्थान विभाग को नोटिस जारी

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jan, 2026 03:12 PM

illegal mica mining exposed mining department issues notice to uit devasthan

भीलवाड़ा। शहर के निकटवर्ती पुर क्षेत्र में कानून को ठेंगा दिखाकर अभ्रक का अवैध खनन और कारोबार लंबे समय से जारी है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे फल-फूल रहा था। राजस्थान पत्रिका द्वारा इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता...

भीलवाड़ा। शहर के निकटवर्ती पुर क्षेत्र में कानून को ठेंगा दिखाकर अभ्रक का अवैध खनन और कारोबार लंबे समय से जारी है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे फल-फूल रहा था। राजस्थान पत्रिका द्वारा इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद अब खनन विभाग हरकत में आया है। खान विभाग ने नगर विकास न्यास (यूआईटी) भीलवाड़ा और देवस्थान विभाग अजमेर के सहायक आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

 

खनिज विभाग की जांच में सामने आया कि ग्राम पुर स्थित कानुड़ा तालाब के पास जिस स्थान पर अवैध अभ्रक खनन हो रहा है, वह राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार महादेव अधरशिला भूमि है, जो देवस्थान विभाग अजमेर के नाम दर्ज है। कुल लगभग 31.6757 हेक्टेयर भूमि के एक हिस्से में माफियाओं ने अवैध खनन कर गहरे गड्ढे (पिट) खोद दिए हैं, जिससे न केवल राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि सुरक्षा और पर्यावरण को भी खतरा पैदा हो गया है।

 

खनिज अभियंता द्वारा जारी पत्र के अनुसार विभाग की तकनीकी टीम ने 9 जनवरी 2026 को स्थल का निरीक्षण किया था। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि इसी स्थान पर 17 मार्च 2025 को भी अवैध खनन पकड़ा गया था, जिसके बाद 20 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद खनन माफिया दोबारा सक्रिय हो गए और खुलेआम अवैध गतिविधियां जारी रहीं।

 

खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन के वर्ष 2021 के परिपत्र के अनुसार देवस्थान विभाग की भूमि पर अतिक्रमण और अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी देवस्थान विभाग अजमेर की है। इसी आधार पर यूआईटी और देवस्थान विभाग को नोटिस जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में नियमित निगरानी और चेकिंग की जाए। यदि अवैध खनन, परिवहन या भंडारण पाया जाता है तो तत्काल पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाए।

 

खनन विभाग का कहना है कि भूमि देवस्थान विभाग की है, इसलिए अब निगरानी और सख्त कार्रवाई की जिम्मेदारी भी उसी विभाग की होगी। स्थानीय स्तर पर अवैध खनन में संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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