जनसहभागिता से ही सफल होगा जल संरक्षण अभियान : राजस्व मंत्री

Edited By Kailash Singh, Updated: 18 Jun, 2025 11:59 AM

grand program organized under water conservation campaign

भीलवाडा । जिले के माण्डल उपखण्ड में ब्यावर मार्ग स्थित तालाब की पाल पर सोमवार को वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस दौरान आयोजित मुख्य समारोह में राजस्व मंत्री मीणा ने कहा कि जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन बनाने...

जनसहभागिता से ही सफल होगा जल संरक्षण अभियान : राजस्व मंत्री

भीलवाडा । जिले के माण्डल उपखण्ड में ब्यावर मार्ग स्थित तालाब की पाल पर सोमवार को वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस दौरान आयोजित मुख्य समारोह में राजस्व मंत्री मीणा ने कहा कि जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार का सम्पूर्ण मंत्रिमंडल सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है एवं आमजन इसमें अपनी सहभागिता निभाए जिससे यह अभियान पूर्णतः सफल हो। राजस्व मंत्री मीणा ने कहा, "अगर आज हम इस पुनीत कार्य को नहीं समझ पाए, तो भविष्य में जल संकट होना निश्चित है। प्रकृति हमें संकेत दे रही है, जिसे समझना हम सभी के हित में है।" उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और अधिकारियों से आह्वान किया कि हर व्यक्ति अपने घर के सामने एक पेड़ लगाने का संकल्प ले, ताकि पर्यावरण और जल स्रोतों को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम का शुभारंभ तालाब में जल पूजन से हुआ, जिसके बाद जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण और जल स्रोत संरक्षण की योजनाओं की जानकारी दी गई। इसमें जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, सीईओ चन्द्रभान सिंह भाटी, उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। 

 राजस्व मंत्री ने ली समीक्षा बैठक। 
कार्यक्रम उपरांत मांडल पंचायत समिति सभागार में जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ।बैठक में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि भीलवाड़ा जिला वर्तमान में जल संरक्षण अभियान में राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर है, लेकिन हमें इसे प्रथम स्थान पर लाने के लिए जिला प्रशासन के नेतृत्व में मिलकर काम करना होगा। बैठक में जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने अभियान की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि तालाबों की सफाई, वर्षा जल संग्रहण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण शपथ, विभिन्न प्रतियोगिताएं एवं गतिविधियों के माध्यम से जनजागरण किया जा रहा हैं।उन्‍होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने परम्परागत जल स्त्रोत बावड़ियों, तालाबों, बांधों एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई और उनके संरक्षण की दिशा में जो कदम बढाया उसे हम सब को मिलकर आगे बढ़ाना है साथ ही पानी को सुरक्षित करके उसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।  

कार्यक्रम में लोगों को दिलवाई शपथ। 

इस मौके पर स्थानीय प्रतिनिधि, ग्रामीण महिला पुरुष व प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई और आमजन से जल, वृक्ष व पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई।
यह कार्यक्रम जल शक्ति मंत्रालय, नमामि गंगे मिशन व राजस्थान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन  के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य राज्य भर में परंपरागत जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहन देना और जन-जागरूकता फैलाना है।

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