सौंफ की खुशबू से महक रहे भरतपुर के खेत, किसानों की आय में खुल रहे नए अवसर

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jan, 2026 02:50 PM

fennel aroma fills bharatpur fields opening new income avenues for farmers

भरतपुर। जिले के किसान अब पारंपरिक खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर मसाला फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस बदलाव में सौंफ की खेती किसानों के लिए आय का नया और मजबूत स्रोत बनकर उभरी है। भरतपुर की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु ने सौंफ की खेती को विशेष...

भरतपुर। जिले के किसान अब पारंपरिक खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर मसाला फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस बदलाव में सौंफ की खेती किसानों के लिए आय का नया और मजबूत स्रोत बनकर उभरी है। भरतपुर की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु ने सौंफ की खेती को विशेष पहचान दिलाई है, जिससे किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है।

 

खटनावली, नवली और झील क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सौंफ की खेती की जा रही है। किसानों का कहना है कि भरतपुर की दोमट मिट्टी, संतुलित नमी और सर्दियों का मौसम सौंफ की फसल के लिए बेहद उपयुक्त है। सर्दियों में बोई जाने वाली यह फसल कम लागत में अच्छी पैदावार देती है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिल रहा है।

 

यहां उगाई जाने वाली सौंफ की सबसे बड़ी खासियत उसकी सुगंध और स्वाद है। अन्य क्षेत्रों की तुलना में भरतपुर की सौंफ अधिक सुगंधित और स्वादिष्ट मानी जाती है, जिसके चलते बाजार में इसकी अलग पहचान बनी हुई है। किसान इंदल सिंह बताते हैं कि यहां की मिट्टी सौंफ के दानों को बेहतर गुणवत्ता प्रदान करती है, जिससे उत्पाद की मांग लगातार बनी रहती है।

 

स्थानीय किसान पारंपरिक कृषि तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को भी अपना रहे हैं। उन्नत बीज, संतुलित खाद, समय पर सिंचाई और रोग-कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान देकर वे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार कर रहे हैं। इसका सीधा असर मंडियों में देखने को मिल रहा है। भरतपुर की स्थानीय मंडियों के अलावा आसपास के जिलों और अन्य राज्यों के व्यापारी भी यहां की सौंफ खरीदने पहुंच रहे हैं।

 

किसानों का कहना है कि पहले गेहूं और सरसों जैसी पारंपरिक फसलों से सीमित आमदनी होती थी, लेकिन सौंफ की खेती ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। सही समय पर बुवाई और देखभाल से सौंफ की फसल किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है।

 

सौंफ की बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मूल्य को देखते हुए अब जिले के अन्य किसान भी इसकी खेती में रुचि दिखा रहे हैं। अनुकूल जलवायु और बाजार की अच्छी संभावनाओं के चलते आने वाले समय में भरतपुर जिले में सौंफ की खेती का रकबा और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों की आय में और इजाफा होगा।

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