भारतीय वायु सेवा के जांबाज ग्रुप कैप्टन पाटनी का पैतृक गांव में हुआ नागरिक अभिनंदन, हुए अभिभूत

Edited By Anil Jangid, Updated: 27 Dec, 2025 06:03 PM

iaf hero group captain animesh patni honored in his village

बारां। भारतीय वायु सेवा के जांबाज़ ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी को राष्ट्रपति द्वारा भारतीय सेना के तीसरे सर्वोच्च गेलेंट्री अवार्ड वीरचक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर शनिवार को उनके पैतृक गांव राजस्थान के बारां जिले के अटरू उपखंड की ग्राम पंचायत...

बारां। भारतीय वायु सेवा के जांबाज़ ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी को राष्ट्रपति द्वारा भारतीय सेना के तीसरे सर्वोच्च गेलेंट्री अवार्ड वीरचक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा पर शनिवार को उनके पैतृक गांव राजस्थान के बारां जिले के अटरू उपखंड की ग्राम पंचायत कुंजेड में आयोजित एक भव्य समारोह में नागरिक अभिनंदन कर सम्मान से नवाजा गया। इस दौरान ग्रामवासियों ने जुलूस के रूप में कार्यक्रम स्थल पर लाए जहां अनिमेष पाटनी को साफाबंदी करने के साथ फूलमालाओं से लादा दिया।

 

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति भवन में अप्रैल माह में अनिमेष पाटनी को एक भव्य समारोह में वीरचक्र राष्ट्रपति के द्वारा प्रदान किया जाएगा। बारां जिले के उनके पैतृक गांव कुंजैड़ पहुंचने पर ग्रामीणों के साथ युवाओं में भारी उत्साह था। तीन घंटे के समारोह में पूरे गांव में देशभक्ति का माहौल जाग गया। छात्राओं ने देशभक्ति पूर्ण और वंदे मातरम गायन की सामूहिक प्रस्तुति दी। देशभक्ति पूर्ण गीत और कविता के माध्यम से माहौल देशभक्ति से सराबोर रहा।

 

ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती राजेश कुमारी ने अभिनंदन पत्र भेंट किया। अनिमेष की माताश्री अनिला पाटनी को भी पुष्प गुच्छ भेंट कर एवं शाल ओढ़ाकर ग्राम पंचायत की ओर से सम्मानित किया। समारोह में ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी ने छात्रों और युवाओं को देश की सेवा में आगे आने के लिए फौज में शामिल होने का आह्वान किया तथा उन्हें प्रेरित करते हुए कुछ टिप्स भी बताए।

 

भारतीय वायु सेना के जांबाज ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी बारां जिले के कुंजैड़ (अटरू) गांव के निवासी हैं। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी एस 400 'ट्रायम्फ' रेजीमेंट जिसके कमांडर अनिमेष पाटनी रहे हैं, जिसने 314 किलो मीटर दूरी पर लक्ष्य को भेदकर विश्व विमानन इतिहास में रिकॉर्ड बुक किया। वहीं सबसे लंबी surface- to- air kill के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है। अब तक यह दूरी रूस और यूक्रेन युद्ध में केवल 200 किलोमीटर की रही थी। यह पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का निर्णायक हमला था। 

 

इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं आदमपुर जाकर ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी को उनके असाधारण साहस, पराक्रम और नेतृत्व को देखते हुए उनके कैंप में जाकर शाबाशी दी थी। वायु सेना प्रमुख मार्शल एपी सिंह ने ग्रुप कैप्टन अनिमेष पाटनी की उपलब्धि को अब तक की सबसे बड़ी सतह से हवा में मार करने की सफलता बताते हुए भारतीय वायुसेना की तकनीकी श्रेष्ठता और पाटनी की समरिक कुशलता की प्रशंसा की थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके असाधारण साहस और नेतृत्व के लिए युद्ध कालीन सर्वोच्च तीसरे सम्मान "वीर चक्र" से नवाजे जाने की घोषणा की है। राष्ट्रपति भवन में यह समारोह अप्रैल माह में होना है।

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