Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jan, 2026 06:45 PM

बारां। सरकार की ओर से राजस्थान के बारां जिले में पर्यटन और होटल इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने की मंशा के अनुरूप बारां कोटा रोड के गजनपुरा में केंद्र सरकार की ओर से 6.50 करोड़ की लागत से फूड एंड क्राफ्ट तथा होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (खाद्य कला संस्थान)...
बारां। सरकार की ओर से राजस्थान के बारां जिले में पर्यटन और होटल इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने की मंशा के अनुरूप बारां कोटा रोड के गजनपुरा में केंद्र सरकार की ओर से 6.50 करोड़ की लागत से फूड एंड क्राफ्ट तथा होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (खाद्य कला संस्थान) लेट लतीफी में बनकर तैयार तो हो गया लेकिन छह साल बीत जाने के बावजूद ना तो अभी तक उपयोग में आया है और ना ही शुरू हो सका है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस इंस्टीट्यूट का निर्माण 6.50 करोड़ के बजट से 2017 में शुरू हुआ था और 2019 में बनकर तैयार करना था। लेकिन विभागीय अंधेरगिरी तथा प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने से बनने में लेट जरूर हुआ, लेकिन बन कर तैयार हुए भी बरस गुजर गए मगर शुरू नहीं हो पा रहा। इस मामले में सहायक निदेशक पर्यटन झालावाड़ प्रभार बारां सिराजूउद्दीन कुरेशी का बस यहीं कहना है कि इस इंस्टीट्यूट को दिल्ली से मान्यता मिलनी है, जो प्रक्रियाधीन है। जब मान्यता आयेगी यहां एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
लोगों का सातवें वर्ष में भी इसको लेकर संशय बना हुआ है और जनप्रतिनिधियों को कोस रहे हैं। वैसे भी बारां जिला पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा उनके सांसद पुत्र दुष्यंत सिंह के प्रभावशाली संसदीय क्षेत्र में आता है। युवा सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतना विलंब क्यों हो रहा है। उन्हें सरकार की ऐसी योजनाओं का लाभ उठाने का कितना ओर इंतजार करना पड़ेगा।
सूत्रों का कहना है कि जिला मुख्यालय पर अधिकारी मौजूद नहीं रहने से प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। इसी कैंपस में हॉस्टल भी बनना था जो बन नहीं सका। इसीका नतीजा है कि 6.50 करोड़ की लागत से बने फ्रूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट में एडमिशन इस साल भी शुरू होने के आसान नजर नहीं आ रहे।
एक बारगी आई केंद्रीय टीम ने निर्माण कार्य को लेकर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे। शीघ्र चालू करने की हिदायत भी दी थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि फूड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट शुरू होने से उम्मीद थी कि यहां पर्यटन का विकास होगा। जिले के युवाओं को बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा और यहीं प्रशिक्षण मिल जाएगा।करीब 10000 स्क्वायर फीट जगह पर एकेडमिक, प्रशासनिक भवन, चारदीवारी सहित अन्य निर्माण के साथ ही।फर्नीचर एवं अन्य ने उपकरण के लिए एक करोड रुपए का बजट अलग से पास हुआ था।इसमें विद्यार्थियों को होटल मैनेजमेंट तथा फूड एंड क्राफ्ट से संबंधित कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डेट वर्षीय डिप्लोमा के लिए 40-40 व पांच अन्य क्राफ्ट कोर्स के लिए 20-20 सीटे निश्चित थी।इनके लिए 2024 में ही एडमिशन प्रक्रिया शुरू करनी थी लेकिन नहीं हो सकी।
दुखद स्थिति तो यह है कि भारी भरकम राशि से बने इस फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट को देखने तक की जनप्रतिनिधियों को फुर्सत नहीं मिली। यहां तैनात चौकीदार भी अमूमन नदारद रहता है। भवन कक्ष में ऐसी समेत कई सामग्री भी रखी है, लेकिन कोई सार संभाल नहीं है।