मालवीया का यू-टर्न: बोले– बीजेपी में जाना भूल नहीं, क्षेत्र के हित में उठाया चतुर कदम

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jan, 2026 02:38 PM

malviya takes u turn says joining bjp was not a mistake but a strategic move

बांसवाड़ा। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। पूर्व मंत्री और बांसवाड़ा के वरिष्ठ नेता महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने भाजपा में जाने को लेकर अपने पुराने बयान से पलटते हुए नया तर्क दिया है। कांग्रेस में वापसी की अधिकृत घोषणा...

बांसवाड़ा। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। पूर्व मंत्री और बांसवाड़ा के वरिष्ठ नेता महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने भाजपा में जाने को लेकर अपने पुराने बयान से पलटते हुए नया तर्क दिया है। कांग्रेस में वापसी की अधिकृत घोषणा के बाद जयपुर में शनिवार को मालवीया ने कहा कि भाजपा में जाना कोई भूल नहीं, बल्कि एक चतुराई भरा फैसला था।

 

मालवीया ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र के लिए अच्छा बजट और महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत करवाईं। ऐसे मौके बार-बार नहीं आते। यदि वह भाजपा में नहीं जाते, तो क्षेत्र के लिए यह धन और परियोजनाएं नहीं मिल पातीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। मालवीया ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने उनसे कहा था कि जब मौका मिलेगा, तो उन्हें कोई न कोई जिम्मेदारी दी जाएगी।

 

दूसरी ओर, भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा किसी का अपमान नहीं करती। मालवीया बांसवाड़ा के नेता हैं और जहां भी रहें, अच्छा काम करें, यही अपेक्षा है। गायरी ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि मौका भाजपा ने दिया था, लेकिन जनता ने नहीं। यदि जनता का समर्थन नहीं मिला, तो इसमें पार्टी को दोष देना उचित नहीं है।

 

इधर, कांग्रेस में मालवीया की वापसी को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष और शहर विधायक अर्जुनसिंह बामणिया जयपुर में मालवीया के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे और पार्टी में वापसी पर उनका स्वागत किया। हालांकि, इससे पहले बामणिया का एक बयान चर्चा में रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि मालवीया ने कांग्रेस कब जॉइन कर ली, इसकी उन्हें जानकारी ही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि जब मालवीया पार्टी छोड़कर गए थे, तब भी उन्हें इसकी सूचना नहीं थी।

 

जयपुर में हुई मालवीया और बामणिया की मुलाकात को बांसवाड़ा की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर जिले की सियासत और समीकरणों पर साफ दिखाई देगा।

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