Edited By Anil Jangid, Updated: 22 Feb, 2026 05:12 PM

अलवर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल कॉरिडोर का उद्घाटन किया। 82 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर अब पूरी तरह चालू हो गया है। पहले नमो भारत मेरठ साउथ से दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक चलती थी, लेकिन अब न्यू अशोक नगर से सराय काले...
अलवर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल कॉरिडोर का उद्घाटन किया। 82 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर अब पूरी तरह चालू हो गया है। पहले नमो भारत मेरठ साउथ से दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक चलती थी, लेकिन अब न्यू अशोक नगर से सराय काले खां तक 5 किलोमीटर का बाकी ट्रैक भी शुरू हो गया है। यह परियोजना नेशनल कैपिटल रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत दिल्ली NCR में कनेक्टिविटी को बढ़ाने वाला गेमचेंजर साबित होगी।
सरकार की योजना दिल्ली NCR में आठ रैपिड रेल कॉरिडोर (नमो भारत कॉरिडोर) बनाने की है। प्रमुख कॉरिडोरों में दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल शामिल हैं। दिल्ली-अलवर कॉरिडोर 164 किलोमीटर लंबा है और 22 स्टेशनों के साथ दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को जोड़ता है। इसे तीन चरणों में बनाया जाएगा: फेज 1 दिल्ली से एसएनबी तक, फेज 2 एसएनबी से सोतानाला और फेज 3 एसएनबी से अलवर तक।
दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर लगभग 136.3 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 17 से 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं। ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रति घंटा की डिजाइन स्पीड और 160 किलोमीटर प्रति घंटा की ऑपरेशनल स्पीड से चलेंगी। इस कॉरिडोर से दिल्ली से पानीपत का सफर 3-4 घंटे की बजाय केवल 60 मिनट में पूरा होगा।
सराय काले खां स्टेशन एक बड़ा हब बनेगा, जहां दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत कॉरिडोर आपस में जुड़े होंगे। यात्रियों को बिना ट्रेन बदलें, मेरठ से अलवर तक सफर करने की सुविधा मिलेगी।
नमो भारत कॉरिडोर की कुल लागत लगभग ₹34,740 करोड़ है। परियोजना की रूपरेखा 2005 में प्रस्तावित हुई थी और 2013 में NCRTC का गठन हुआ। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का शिलान्यास 8 मार्च 2019 को पीएम मोदी ने साहिबाबाद में किया था।
नमो भारत RRTS दिल्ली NCR की यात्रा को तेज, सुविधाजनक और आधुनिक बनाने के साथ शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा।