पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना का निधन, कैंसर से हारी जिंदगी की जंग

Edited By Anil Jangid, Updated: 02 Feb, 2026 01:35 PM

former rajasthan minister hem singh bhadana passes away after cancer

जयपुर। राजस्थान की राजनीति के लिए सोमवार का दिन बेहद दुखद रहा, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का 58 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 7:30 बजे अलवर स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से...

अलवर। राजस्थान की राजनीति के लिए सोमवार का दिन बेहद दुखद रहा, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमसिंह भड़ाना का 58 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 7:30 बजे अलवर स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और हाल ही में उन्हें ब्रेन हेमरेज भी हुआ था, जिसके बाद उनका इलाज गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बीमारी से संघर्ष के बावजूद वे मजबूत बने रहे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

 

परिजनों के अनुसार, आज तड़के करीब 6:30 बजे उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई। उन्हें तुरंत अलवर के टेल्को चौराहा स्थित हरीश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुबह 7:00 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर मिलते ही पूरे अलवर जिले और राजस्थान की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में समर्थक, कार्यकर्ता और नेता उनके निवास पर पहुंचने लगे।

 

हेमसिंह भड़ाना का जीवन एक जमीनी कार्यकर्ता से मंत्री बनने तक का प्रेरणादायक सफर रहा। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की और छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की। 1991-92 में वे राजकीय कला एवं विधि महाविद्यालय अलवर के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। वर्ष 2005 में वे पंचायत समिति किशनगढ़ बास के प्रधान बने।

 

2008 से 2013 तक वे 13वीं विधानसभा के सदस्य रहे और इसके बाद 2013 से 2018 तक 14वीं विधानसभा में भी उन्होंने प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान वे पुस्तकालय समिति और पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य रहे। 2014 में उन्हें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री बनाया गया। बाद में उपभोक्ता मामलों का दायित्व भी मिला। 2016 में मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें मुद्रण एवं लेखन सामग्री, स्टेट मोटर गैराज और संपदा विभाग का मंत्री बनाया गया तथा सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया।

 

उनके निधन पर भारतीय जनता पार्टी ने अलवर और खैरथल जिलों में अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में किया जाएगा।

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